वित्त मंत्री दिया कुमारी के पिटारे में और घोषणाएं हैं बाकी, जनता को मिल सकती हैं नई सौगातें

जयपुर.

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को पेश हुए बजट पर चार दिन तक चर्चा होगी। 17 फरवरी को राज्य सरकार की ओर से वित्त मंत्री दिया कुमारी बहस का जवाब देंगी। यह जानकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर ने गुरुवार को सदन में दी।

उन्होंने बताया कि कार्य सलाहकार समिति की बैठक में 19 फरवरी तक सदन की कार्यवाही का कार्यक्रम तय किया गया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 12 और 13 फरवरी को बजट पर चर्चा होगी।

जनता को मिले सकती है सौगात
14 और 15 फरवरी को शनिवार और रविवार होने के कारण अवकाश रहेगा। इसके बाद 16 और 17 फरवरी को भी पक्ष और विपक्ष के सदस्य बजट पर अपनी बात रख सकेंगे। 17 फरवरी की शाम को वित्त मंत्री बहस का जवाब देंगी। बहस के दौरान उठाए गए मुद्दों के आधार पर वित्त मंत्री अतिरिक्त घोषणाएं भी कर सकती हैं। जनता को कुछ और सौगात मिल सकती है। जनता नई सौगातें मिल सकती हैं।

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18 से अनुदान मांगों पर चर्चा
सदन में 18 फरवरी से विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू होगी। 18 फरवरी को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर विचार होगा। उसी दिन संबंधित मंत्री जवाब देंगे और मांगें पारित की जाएंगी। 19 फरवरी को युवा मामले एवं खेल तथा उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। शाम को मंत्रियों के जवाब के बाद इन विभागों की मांगें पारित की जाएंगी।

तीसरे बजट से उम्मीद थी कि ईडब्लयूएस वर्ग को बजट मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। छात्रवृत्ति, पंडित पुजारियों के कल्याण के लिए बजट साथ ही विप्र कल्याण बोर्ड, ईडब्लयूएस बोर्ड, देवस्थान बोर्ड के लिए स्थाई कार्यालय का कोई प्रावधान नहीं रखने से निराशा है।
सुनील उदेईया, संस्थापक, विप्र महासभा

बजट में हर क्षेत्र और हर वर्ग का ध्यान रखा है। चिकित्सा के क्षेत्र में भी कई नवाचारों को शामिल किया है। जल्द घोषणाएं धरातल पर उतरे।
डॉ.असित त्रिवेदी, मानसरोवर

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बजट में विद्यार्थी, किसान, व्यापारी और आमजन सभी का ध्यान रखा गया है। जयपुर जैसे हेरिटेज शहर में जलभराव की समस्या लंबे समय से परेशानी बनी हुई थी, जिस पर सरकार ने समाधान की योजना तैयार की है।
डॉ.एसपी यादव, सामाजिक कार्यकर्ता, विदयाधरनगर

सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के पार्थिव शरीर को अस्पताल की मोर्चरी से उनके घर तक सम्मानपूर्वक पहुंचाने के लिए नि:शुल्क 'मोक्ष वाहिनी' सेवा सहित साइबर अपराध पर रोकथाम के लिए कदम उठाए हैं।
लक्ष्मीकांत शर्मा, अधिवक्ता, राजस्थान हाइकोर्ट