रतनपुर हिंसा में पूर्व सरपंच की अहम भूमिका, पुलिस ने किया गिरफ्तार, मामले 4 हिरासत में 2 नाबालिग शामिल

बिलासपुर जिला के बहुचर्चित खूनी खेल के मामले में पुलिस ने हिंसा में पूर्व सरपंच की भूमिका सामने आई है | इस घटना में ग्राम पेंडरवा में आपसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया, यहां तलवार से हुए हमले में 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सिम्स अस्पताल में जारी है। वहीं पुलिस की जांच के सामने आया कि गांव के पूर्व के सरपंच उमेश श्रीवास ने आरोपी सुरेश श्रीवास को हिंसा के लिए भड़काया था, जिसकी वजह से उसने घटना को अंजाम दिया। मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच उमेश श्रीवास को भी गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है।

 

कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि सुरेश श्रीवास (46) निवासी पेंडरवा अपने दो पुत्रों के साथ शाम 6:30 बजे थाना रतनपुर पहुंचा। इसी दौरान पीछे से घायल पक्ष के लोग भी पहुंचे और सुरेश व उसके पुत्रों पर उनके घर में घुसकर मारपीट और हमला करने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

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घटनास्थल पर पीड़ित शेख शब्बीर ने बताया कि मुख्य आरोपी सुरेश श्रीवास अपनी पूर्व पत्नी और उसके छोटे भाई शेख सलीम के बीच अवैध संबंध होने के शक को लेकर पहले भी विवाद करता रहा था। घटना के दिन भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ और सुरेश ने तलवार से हमला कर दिया। हमले के दौरान मुराद बेगम (65) बीच-बचाव करने आईं, जिन पर आरोपी ने जानलेवा वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा परिवार के 6 अन्य सदस्य भी हमले में घायल हुए हैं। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर मुख्य आरोपी सुरेश श्रीवास, उमेश श्रीवास और दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

पुलिस द्वारा प्रकरण की वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर कोटा एसडीओपी नूपुर उपाध्याय के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई है। जांच टीम में प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन, थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पांडे, उप निरीक्षक विष्णु यादव, मेलाराम कठौतिया, प्रधान आरक्षक बलदेव सिंह और आरक्षक कीर्ति पैकरा शामिल हैं।

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सिम्स में घायल अयान व साहिस्ता का ईएनटी वार्ड में उपचार चल रहा है। वहीं रेहाना, सना, शहनाज का फीमेल सर्जिकल वार्ड में उपचार चल रहा है। सिम्स के एमएस डॉ. लखन सिंह ने बताया कि सभी भर्ती मरीजों का इलाज चल रहा है। सभी मरीज खतरे से बाहर हैं।

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सुरेश श्रीवास ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उसने बताया कि बदला लेने की नीयत से वह अपने नाबालिग पुत्रों के साथ हथियार लेकर शेख सलीम के घर पहुंचा था। सलीम के नहीं मिलने पर उसने उसकी मां पर हमला कर दिया और अन्य पर भी वार किया। जांच में यह भी सामने आया कि उमेश श्रीवास जो कि गांव का पूर्व सरपंच है। एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने बताया कि शेख सलीम के बड़े भाई शेख शब्बीर का क्षेत्र में खासा प्रभाव है। गांव का पूर्व सरपंच उमेश श्रीवास दुबारा सरपंच का चुनाव लड़ने पर हार गया था। वह इसके लिए शेख शब्बीर को दोषी मानता था। इसलिए उमेश श्रीवास ने सुरेश श्रीवास को घटना के लिए उकसाया था, जिसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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