नाक बंद होना, बार-बार साइनस की समस्या होना या सांस लेने में परेशानी को अक्सर लोग सामान्य सर्दी-जुकाम या एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर नाक लंबे समय से बंद रहती है, सूंघने की क्षमता कम हो रही है और साइनस की समस्या बार-बार लौट रही है, तो इसके पीछे नेजल पॉलिप्स भी एक कारण हो सकते हैं। नेजल पॉलिप्स नाक या साइनस की अंदरूनी परत में बनने वाली नरम, आमतौर पर दर्द रहित और गैर-कैंसरकारी ग्रोथ होती हैं। छोटे पॉलिप्स में कोई खास लक्षण नहीं हो सकता, लेकिन बड़े या कई पॉलिप्स नाक को ब्लॉक कर सकते हैं और सांस लेने, सूंघने तथा साइनस ड्रेनेज में परेशानी पैदा कर सकते हैं। फिलहाल, आगे जानते हैं कि नाक बंद होना कब नेजल पॉलिप्स का संकेत हो सकता है।
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नेजल पॉलिप्स क्या होते हैं?
नेजल पॉलिप्स नाक और साइनस की म्यूकस मेमब्रेन से निकलने वाली सोफ्ट, बिना कैंसर की ग्रोथ होती हैं। इन्हें सामान्य त्वचा या मांस की गांठ समझना सही नहीं है। ये लंबे समय तक बनी रहने वाली इंफ्लामेशन के कारण विकसित हो सकती हैं।
नेजल पॉलिप्स अक्सर
यानी लंबे समय तक रहने वाली साइनस इंफ्लामेंशन से जुड़े होते हैं। हालांकि हर व्यक्ति को क्रोनिक साइनसाइटिस होने पर पॉलिप्स हों, यह जरूरी नहीं है। छोटे पॉलिप्स अक्सर बिना लक्षण के रह सकते हैं, लेकिन जब इनका आकार बढ़ जाता है या इनकी संख्या ज्यादा हो जाती है, तो ये नेजल पैसेज को ब्लॉक करने लगते हैं। इससे नाक से
और लगातार नाक बंद महसूस हो सकता है।
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नेजल पॉलिप्स बनने के पीछे कौन-से कारक जिम्मेदार होते हैं?
नेजल पॉलिप्स बनने का एक ही कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लेकिन नाक और साइनस में लंबे समय तक रहने वाली इंफ्लामेशन को इसके विकास से जोड़ा जाता है।
क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार एलर्जी, क्रोनिक राइनोसाइनसाइटिस, अस्थमा और कुछ अन्य इंफ्लामेटरी कंडीशन्स वाले लोगों को नेजल पॉलिप्स अधिक देखे जा सकते हैं। इंफेक्शन, एलर्जी, या साइनस में लंबे समय तक इंफ्लेमेशन पॉलिप्स का जोखिम बढ़ा सकती है। कुछ लोगों में अस्थमा और नेजल पॉलिप्स साथ में दिखाई दे सकते हैं। अस्थमा और नेजल पॉलिप्स के बीच भी संबंध देखा गया है।
नेजल पॉलिप्स के सामान्य संकेत क्या होते हैं?
और अन्य सोर्स से प्राप्त जानकारी के अनुसार नेजल पॉलिप्स में व्यक्ति को आगे बताए लक्षण महसूस हो सकते हैं। इन लक्षणों के आधार पर आप नाक बंद होने की स्थिति को साइनस से अलग कर सकते हैं।
- लगातार नाक बंद रहना – नेजल पॉलिप्स का सबसे आम संकेत नेजल कंजेशन हो सकता है। इसमें नाक के अंदर मांस की ग्रोथ बड़ी होने पर वह नाक के रास्ते को ब्लॉक कर सकती है। जिससे व्यक्ति को मुंह से सांस लेने की जरूरत पड़ती है।
- सूंघने की क्षमता कम होना – पॉलिप्स और उनसे जुड़ी सूजन के कारण सूंघने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों में धीरे-धीरे सूंघने की क्षमता कम होती है और उन्हें इसका पता भी देर से चलता है।
- बार-बार साइनस प्रेशर या सिरदर्द – नेजल पॉलिप्स साइनस ड्रेनेज को प्रभावित कर सकते हैं। इसके कारण माथे, गालों या आंखों के आसपास दबाव या भारीपन महसूस हो सकता है। हालांकि, सिरदर्द या फेशियल पेन केवल नेजल पॉलिप्स की वजह से हो, यह जरूरी नहीं है। माइग्रेन और दूसरी स्थितियां भी इसी तरह के लक्षण पैदा कर सकती हैं।
- पोस्टनेजल और गले में बलगम – जब नाक और साइनस से निकलने वाला बलगम सामान्य तरीके से बाहर नहीं आ पाता, तो यह गले के पीछे की ओर जा सकता है। इसे पोस्टनेजल ड्रिप कहा जाता है। इससे बार-बार गला साफ करने की जरूरत, खांसी या गले में कुछ जमा होने जैसा महसूस हो सकता है।
- खर्राटे और मुंह से सांस लेना – नेजल पैसेज (नाक से हवा लेने वाला रास्ता) ब्लॉक होने पर रात में नाक से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसके कारण मुंह से सांस लेने या सोते समय खर्राटे लेने की समस्या हो सकती है।
बार-बार नाक बंद होना या साइनस की समस्या होना हमेशा नेजल पॉलिप्स का संकेत नहीं है, लेकिन लंबे समय तक रहने वाले लक्षण को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। नेजल पॉलिप्स नाक और साइनस की अंदरूनी परत में बनने वाली आमतौर पर नॉन कैसर ग्रोथ हैं, जो बड़ी होने पर नेजल एयरवे को ब्लॉक कर सकती हैं। लगातार नाक बंद रहना, सुंघने की क्षमता कम होना, गले में बलगम महसूस होना, खर्राटे इसके कुछ लक्षण हो सकते हैं। अस्थमा, एलर्जी और क्रोनिक राइनोसाइनसाइटिस जैसी स्थिति भी इसके साथ जुड़ी हो सकती हैं।
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