1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पर लगेगी रोक, केवल FASTag और UPI से होगी एंट्री

 नई दिल्ली 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पर लगेगी रोक, केवल FASTag और UPI से होगी एंट्री

FASTag Toll Payment: देश के हाइवे पर यात्रा का तरीका बदलने जा रहा है. हाईवे जर्नी को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. 1 अप्रैल से देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. अब टोल टैक्स सिर्फ FASTag या UPI के जरिए ही चुकाया जा सकेगा. सरकार का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि समय, फ्यूल और पैसे की भी बचत होगी.

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि, भारत तेजी से डिजिटल इकॉनमी की ओर बढ़ रहा है. पहले UPI से टोल भुगतान की सुविधा शुरू की गई थी, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया. अब सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश भुगतान (Cash Payment) पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है. 1 अप्रैल के बाद टोल पर सिर्फ FASTag या UPI ही मान्य होंगे.

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टोल प्लाजा से खत्म होगा कैश लेन

इस फैसले के बाद देशभर के टोल प्लाजा पर कैश लेन पूरी तरह बंद हो जाएंगे. इससे मैन्युअल वसूली के कारण लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी. सरकार का कहना है कि कैशलेस टोलिंग से सिस्टम ज्यादा फास्ट, ट्रांसपैरेंट और भरोसेमंद बनेगा. अब भी कई लोग FASTag होने के बावजूद कैश लेन का इस्तेमाल करते थे, जिससे खासकर त्योहारों और पीक आवर्स में जाम की स्थिति बनती थी.

फ्यूल और टाइम की बचत

टोल प्लाजा पर बार-बार रुकने से गाड़ियों का फ्यूल ज्यादा खर्च होता है और ड्राइवरों को भी थकान होती है. वी. उमाशंकर के मुताबिक हर बार रुकने और फिर गाड़ी चलाने में समय और डीजल दोनों की बर्बादी होती है. लंबी दूरी की यात्रा में यह नुकसान और बढ़ जाता है. कैशलेस सिस्टम से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी.
बैरियर-फ्री टोलिंग की तैयारी

कैशलेस टोल का यह फैसला भविष्य की एक बड़ी योजना की तैयारी भी माना जा रहा है. सरकार जल्द ही मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी MLFF टोलिंग सिस्टम लागू करने जा रही है. इस सिस्टम में टोल प्लाजा पर कोई बैरियर नहीं होगा और वाहन बिना रुके हाईवे पर फर्राटा भरते हुए निकल सकेंगे. टोल शुल्क अपने आप FASTag और व्हीकल आइडेंटिफिकेशन सिस्टम के जरिए कट जाएगा.
25 टोल प्लाजाओं पर पायलट प्रोजेक्ट

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सरकार ने MLFF सिस्टम के पायलट प्रोजेक्ट के लिए देशभर में 25 टोल प्लाजाओं को चिन्हित किया है. यहां इस नई तकनीक को लागू करने से पहले नियमों  और यात्रियों के अनुभवों की जांच की जाएगी. इसके बाद इस सिस्टम को पूरे देश में लागू करने की योजना है. इससे जाम खत्म होगा, ट्रैवेल टाइम घटेगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी.

सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे 1 अप्रैल से पहले अपना FASTag एक्टिव रखें और उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें, या UPI भुगतान के लिए तैयार रहें. कैशलेस टोलिंग और बैरियर-फ्री हाईवे का यह कदम भारत की सड़क यात्रा को पूरी तरह बदलने वाला है. आने वाले समय में टोल प्लाजाओं पर किसी तरह का कोई जाम नहीं लगेगा और सफर ज्यादा बेहतर और आसान होगा.