Johar36garh (Web Desk)| लद्दाख के गलवान घाटी में चीन के सैनिकों से हिंसक झड़प में शहीद हुए जवान गणेशराम कुंजाम का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम को पंचतत्व में विलीन हो गया। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ गृहग्राम कुरुटोला में किया गया। देश के लिए शहीद होने वाले लाल को अंतिम विदाई देने के लिए भोर से ही गांव के लोग जुटने लगे थे। दिनभर शहीद गणेश अमर रहें के जयकारे गूंजते रहे।

शहीद के पिता इतवारू राम और चाचा तिहारू राम अपने लाडले को लेेने सुबह ही रायपुर रवाना हो गए थे। जबकि जिलेभर से लोग जुटने लगे थे, शाम तक भीड़ बढ़ती गई। रात 7.45 बजे शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जिसके पीछे चारामा से युवा बाइक रैली के रूप में जयकारे लगाते गांव पहुंचे। गांव में विशेष वाहन पहुंचते ही जय-जयकार से गांव गूंजने लगा। परिजन और विशिष्टनों की श्रद्धांजलि के बाद देर रात शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।

गांव में उमड़ रही भीड़ को देखते जनपद पंचायत ने एहतियातन एक हजार लोगों को मास्क बंटवाए। दोपहर 2 बजे तक पूरे मास्क बंट चुके थे। शहीद का शव गांव पहुंचा उस दौरान भीड़ ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर श्रद्धांजलि देने के साथ जयकारे लगाए। गांव में शाम 5 बजे तक 2 हजार से अधिक लोग जुट गए थे। भीड़ बढ़ने के कारण मोबाइल नेटवर्क तक ध्वस्त हो गया था।
जवान गणेशराम की एक महीने पहले ही चीन के बॉर्डर पर पोस्टिंग हुई थी। हिंसक झड़प में गणेश बुरी तरह से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। मंगलवार देर शाम कैंप से एक अधिकारी ने जवान के चाचा तिहारू राम कुंजाम को फोन कर इसकी जानकारी दी। बेहद गरीब परिवार से आने वाले गणेश कुंजाम ने 12वीं के बाद साल 2011 में आर्मी ज्वाॅइन कर ली थी। वह परिवार में इकलौते बेटे थे।
The body of sepoy Ganesh Ram Kunjam was consigned to flames at his native village yesterday night.
Rest in peace, braveheart ! pic.twitter.com/TJZdoYTELx— Ritesh Mishra (@riteshmishraht) June 19, 2020