GST राहत का असर, दूध-पनीर समेत 20 ज़रूरी चीजें हुईं सस्ती, जानिए कितनी बचत होगी

मुंबई 
देश में GST 2.0 लागू हो गया है और आज नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से ऐसे तमाम सामानों के दाम घट गए हैं, जिन्हें देश का आम आदमी लगभग हर रोज खरीदता है. इनमें दूध, ब्रेड से लेकर मक्खन-पनीर तक शामिल हैं. जीएसटी सुधार लागू होने से पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बचत उत्सव की शुरुआत करार दिया था और कहा था कि इससे गरीब-मिडिल क्लास सभी के पैसे बचेंगे. त्योहारों से ऐन पहले सरकार का ये तोहफा राहत भरा है, क्योंकि अब डेली इस्‍तेमाल होने वाली चीजें सस्ती हो जाएंगी. आइए ऐसी ही 20 रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतों में बचत का कैलकुलेशन समझते हैं…

देश में हर दिन सुबह से शाम तक लोग दूध, ब्रेड से लेकर आटा-दाल, सब्जियां तक की खरीदारी करते हैं. लेकिन आज से इनकी खरीद पर जेब में काफी पैसे बचेंगे, क्योंकि सरकार ने नए जीएसटी रिफॉर्म लागू कर दिए हैं और करीब 99% रोजमर्रा के सामानों के दाम घट गए हैं.

यूएचटी दूध 
दूध, सब्‍जियों पर पहले भी जीएसटी रेट लागू नहीं था और अब भी नहीं लगाया गया है. लेकिन अल्ट्रा हाई टेंप्रेचर दूध यानी UHT Milk को जीरो जीएसटी में शामिल किया गया है, जिसपर अब तक 5% की दर से टैक्स लगता था. इसके बाद अमूल से लेकर मदर डेयरी तक ने इसकी कीमतें कम कर दी हैं, जो 22 सितंबर से लागू हो गई हैं. अब
1 लीटर UHT मिल्क (टोंड-ट्रेटा पैक) 77 रुपये के बजाय 75 रुपये में और 450 एमएल मिल्क पैक 33 रुपये की जगह 32 रुपये का मिलेगा.

पनीर
दूध के साथ ही पनीर पर लगने वाला 12 फीसदी का जीएसटी भी अब खत्म हो गया है और ये जीरो जीएसटी स्लैब में शामिल हो गया है. इसपर बचत की बात करें, तो अगर आप 90 रुपये में 200 ग्राम पनीर का पैकेट खरीदते थे, तो अब आपको 10 रुपये कम देने होंगे.

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मक्खन 
रोजमर्रा में रसोई में इस्तेमाल होने वाले डेयरी प्रोडक्ट्स में मक्खन भी अहम है, जो सोमवार से सस्ता हो गया है. जीएसटी रेट कट लागू होने के बाद पहले जो मक्खन (500 ग्राम) 305 रुपये में मिलता था, वो अब 285 रुपये में मिलेगा और 100 ग्राम की मक्खन की टिकया 62 रुपये की जगह 58 रुपये में मिलेगी.

घी
घी को लिक्विड गोल्ड कहकर भी पुकारा जाता है और जीएसटी रेट कट का असर इसकी कीमतों पर भी दिखा है, क्योंकि सरकार ने इस पर जीएसटी 12% से कम करते हुए 5% कर दिया है. इसके बाद तमाम कंपनियों के घी के दाम घट गए हैं. अमूल का घी (1 लीटर कार्टन पैक) अब 650 रुपये के बजाय 610 रुपये में मिलेगा, तो मदर डेयरी का घी (1 लीटर कार्टन पैक) 675 रुपये की जगह 645 रुपये का हो गया है. पतंजलि गाय का घी 900 एमएल पैक 780 रुपये से कम होकर अब 731 रुपये का रह गया है.

आइसक्रीम 
तमाम सामानों के साथ ही GST Rate Cut का फायदा आइसक्रीम पर भी मिलेगा. नए रेट्स लागू होने से पहले ही तमाम कंपनियों ने अपने आइसक्रीम प्रोडक्ट्स के दाम में कटौती का ऐलान कर दिया था. अमूल की नई रेट लिस्ट देखें, तो 22 सितंबर से 1 लीटर वनीला मैजिक कप 195 रुपये की जगह अब 180 रुपये का मिलेगा, तो वहीं शुगर फ्री शाही अंजीर आइसक्रीम का 125 एमएल कम 50 रुपये की जगह 45 रुपये का मिलेगी.

इसके अलावा बटर स्कॉच.(125 एमएल), कुल्फी पंजाबी (60एमएल) में पांच रुपये की कटौती की गई है. मदर डेयरी की आइसक्री के प्राइस पर नजर डालें, तो जीएसटी कट का लाभ देते हुए कंपनी ने आइसकैंडी (45 ग्राम ), 50 एमएल वनीला कप, 30 एमएल चोकोबार की कीमत 10 रुपये से घटकर 9 रुपये रह गई.

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ब्रेड
ब्रेड का इस्तेमाल भी हर रोज घरों में होता है, फिर बात चाहे चाय के साथ ब्रेड की हो या सैंडविच के लिए, इसपर भी सरकार ने बड़ी राहत दी है. ब्रेड भी 5% जीएसटी स्लैब से सीधे शून्य जीएसटी वाले उत्पादों में शामिल हो गया है. यानी इस पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा. मतलब जो ब्रेड का पैकेट आप 20 रुपये में खरीदते थे, वो 1 रुपये कम यानी 19 रुपये में मिलेगा.

पिज्जा 
आपके घर में बच्चे हैं, तो फिर वो पिज्जा खाने की जिद तो करते ही होंगे, रोज नहीं तो एक दो दिन छोड़कर आप दिलाते भी होंगे, तो बता दें सरकार ने इसपर भी टैक्स घटा दिया है. पिज्‍जा, ब्रेड पर जीएसटी को 5% से शून्‍य कैटेगरी में शामिल कर दिया गया है. ठीक ब्रेड की तरह, ऐसे में अगर आप दुकान से 100 रुपये का पिज्जा खरीदते समय 5 रुपये का जीएसटी देते थे, तो अब ये नहीं लगेगा. मतलब ये 95 रुपये का मिलेगा.

पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स, नूडल्स
बच्चों के लिए सुबह की शुरुआत आज के समय में घरों में पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स के साथ होती है और नूडल्स भी खूब बनाए जाते हैं, अब इन फूड प्रोडक्ट्स पर भी राहत मिली है. 22 सितंबर से ये सभी चीजें भी सस्ती हो गई हैं. इन पर लगने वाले 12-18% की स्लैब को कम करते हुए इन्हें 5% में शामिल किया गया है. 100 रुपये के नूडल्स के पैकेट पर अब 18 या 12 रुपये की जगह 5 रुपये का टैक्स ही लगेगा.

बिस्कुट-नमकीन
सरकार रोजमर्रा में यूज होने वाले सामानों पर जीएसटी घटाने पर विशेष तौर पर फोकस किया है. इनकी लिस्ट में रोज इस्तेमाल होने वाले नमकीन-बिस्कुट भी शामिल हैं, जिनपर अब तक 12 से 18 फीसदी तक का टैक्स लगता था, लेकिन अब इसे कम करते हुए 5 फीसदी कर दिया गया है. कैलकुलेशन समझें, तो 5 रुपये की नमकीन पर पहले 12% टैक्‍स के हिसाब से 60 पैसे GST लगता था, लेकिन अब सिर्फ 25 पैसे लगेगा. वहीं बिस्‍कुट 18% स्लैब में आता था और 5 रुपये के पैकेट पर 90 पैसे टैक्स लगता था, जो अब महज 25 पैसे लगेगा.

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तेल-शैंपू और साबुन
रोजमर्रा के सामानों की लिस्ट में तेल, शैंपू और साबुन जैसे सामान भी शामिल हैं. इन पर टैक्‍स को 18 फीसदी से कम करके 5% किया गया है. ऐसे में पहले शैंपू के 100 रुपये बेस प्राइस वाले पैक पर 18 रुपये जीएसटी लगता था, जो अब से सिर्फ 5 रुपये लगेगा और ग्राहकों को 118 रुपये का शैंपू पैक 105 रुपये में मिलेगा. तेल और साबुन पर भी इसी हिसाब से बचत होगी.

चॉकलेट-मिठाइंयां
प्रधानमंत्री ने रविवार को जीएसटी सुधार पर अपने संबोधन में कहा था कि त्योहारों से पहले ही देशवासियों का मुंह मीठा हो रहा है. ऐसे में चॉकलेट और मिठाइयों की बात करना जरूरी है, क्योंकि त्योहारों पर देश में चॉकलेट और मिठाइयों की बिक्री आसमान पर रहती है. यही नहीं ये चीजों घरों में रोजमर्रा के आइटम्स में भी शामिल हैं. ताजा बदलाव के बाद 50 रुपये की चॉकलेट अब 44 रुपये में मिलेगी, तो वहीं 400 रुपये प्रति किलो के लड्डू या अन्य मिठाई पर लगने वाला 72 रुपये का टैक्स कम होकर सिर्फ 20 रुपये हो जाएगा. ऐसे में लोगों को तगड़ी बचत होगी.

पेंसिल-रबर-नोटबुक 
सरकार ने जीएसटी सुधारों के तहत बच्चों पर भी विशेष फोकस किया है और इनकी शिक्षा से जुड़े तमाम सामानों को जीएसटी फ्री कर दिया है. नोटबुक, पेंसिल, रबर, समेत अन्य चीजों पर लागू 12 फीसदी का जीएसटी शून्य कर दिया गया है. इसके अलावा ग्लोब, मैन, प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक, प्रयोगशाला नोटबुक भी अब टैक्स-फ्री हो गए हैं.