वह किसी मनोरोगी की तरह सेक्स और हिंसा के लिए आतुर रहता था, गैंगरेप के मुख्य आरोपी को लेकर बड़ा खुलासा

कोलकाता
कोलकाता गैंगरेप के मुख्य आरोपी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक मोनोजीत मिश्रा उफ मैंगो हमेशा लड़कियों पर कमेंट करता रहता था। वह हर लड़की से पूछता कि क्या मुझसे शादी करोगी। वह किसी मनोरोगी की तरह सेक्स और हिंसा के लिए आतुर रहता था। सिर्फ इतना ही नहीं, वह लड़कियों की फोटो गलत ढंग से एडिट करके दोस्तों को भेजता था। मोनोजीत के कॉलेज जूनियर्स और बैचमेट्स ने इस बारे में खुलासा किया है। बता दें कि कोलकाता के लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

लड़कियों से पूछता था, शादी करोगी
जानकारी के मुताबिक 24 वर्षीय छात्रा का रेप करने से पहले मोनोजीत ने पूछा था कि क्या वह उससे शादी करेगी। बताया जाता है कि यह पहली बार नहीं था जब मोनोजीत ने किसी लड़की से यह सवाल पूछा। कॉलेज कैंपस में कई छात्राओं से पहले भी वह यही सवाल पूछ चुका था। वह लड़कियों की मॉर्फ्ड फोटो अपने दोस्तों को भेजा करता था। इसके अलावा महिलाओं के साथ अंतरंग संबंधों के वीडियो बनाकर भी दोस्तों को दिखाता था। लोगों ने बताया कि उसे सबकुछ रिकॉर्ड करने का फितूर रहता था। वह महिलाओं की फोटो क्लिक करके उन्हें ग्रुप में भेजता रहता था। इसमें वह उनकी बॉडी शेमिंग करता था।

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चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं
मोनोजीत के खिलाफ पहले भी छेड़खानी के मामले थे। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक छेड़खानी, हैरेसमेंट, शारीरिक उत्पीड़न और पैसों की उगाही को लेकर उसके खिलाफ कई मामले हैं। इस बारे में उसे अपनी पार्टी से भी चेतावनी मिल चुकी थी। लेकिन वह बिल्कुल भी सुधर नहीं रहा था। एक थर्ड ईयर के छात्र ने बताया कि कॉलेज प्रशासन को भी सबकुछ पता था। लेकिन इसके बावजूद सब उसे पूरा समर्थन करते थे। उसने बताया कि मैंगो और उसकी टीम छात्रों, खासतौर पर लड़कियों के लिए दहशत का पर्याय थे। उसने बताया कि मोनोजीत के खिलाफ यौन उत्पीड़न की एक शिकायत प्रभारी अध्यापक से की गई थी। लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

छात्रों में काफी ज्यादा डर
एक प्रथम वर्ष का छात्र काफी डरा हुआ दिखाई दिया। उसने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई की इतनी सुविधा है। लेकिन राजनीतिक प्रभाव ने सब सत्यानाश कर डाला है। उसने कहाकि छात्रसंघ से जुड़े लोगों को मानो सबकुछ करने की छूट मिली हुई है। मोनोजीत उन सभी वॉट्सऐप ग्रुप का एडमिन था, जिसमें इंपॉर्टेंट नोटिस आती थीं। वह किसी को भी निकाल या जोड़ सकता था। लड़कियों की फोटो पोस्ट करना और उनके बारे में भद्दे मजाक करना, आम बात थी। इन लोगों को इस तरह से प्रोटेक्शन मिली हुई थी कि हम सब चुप रहने पर मजबूर थे।

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विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों को धमकी
कुछ मौजूदा छात्रों ने बताया कि वह लोग मोनोजीत और उसकी टीम से काफी ज्यादा डरे हुए थे। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन लोगों ने कॉलेज तक जाना छोड़ दिया था। इन छात्रों ने बताया कि उन्होंने पिछले साल आरजीकर कॉलेज में हुई घटना के विरोध में आयोजित ‘रीक्लेम द नाइट’ में हिस्सा लिया था। इसके बाद मोनोजीत ने उन्हें बुलाया और धमकियां दीं। इतना ही नहीं, उसने कुछ लोगों की पिटाई तक की थी। वह खुलेआम लोगों से कहता था कि उसे कुछ नहीं होगा, क्योंकि उसकी पहुंच नेताओं तक है। वह कॉलेज के बॉस की तरह व्यवहार करता था।