भोपाल की सड़कों पर हाई-टेक ड्रोन कैमरों की नजर, लाइव फीड से कट रहे चालान

भोपाल 

 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अगर आप अपनी गाड़ी किसी व्यस्त सड़क किनारे पार्क करने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भोपाल पुलिस अब आसमान से आप पर नजर रख रही है। राज्य में अपनी तरह की इस पहली पहल में, ट्रैफिक पुलिस ने नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने वालों को पकड़ने और उनका चालान काटने के लिए ड्रोन-माउंटेड कैमरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस हाई-टेक मुहिम की शुरुआत सोमवार से औपचारिक रूप से कर दी गई है। सबसे ज्यादा फोकस एमपी नगर और वीआईपी रोड जैसे भारी ट्रैफिक वाले और संकरे रास्तों पर किया जा रहा है।

इन इलाकों में भी बढ़ाई गई चौकसी
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, शहर की करीब एक-तिहाई सड़कें केवल अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों के कारण जाम रहती हैं। इसी को देखते हुए ड्रोन सर्विलांस का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब एमपी नगर और वीआईपी रोड के अलावा बागसेवनिया, मिसरोद और नर्मदापुरम रोड के कुछ हिस्सों पर भी ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पहले इन ड्रोन का इस्तेमाल केवल दुर्घटना स्थलों के दस्तावेज़ीकरण के लिए किया जाता था, लेकिन अब इनका उपयोग सीधे नियम तोड़ने वालों की पहचान करने और उनके वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए ई-चालान जेनरेट करने के लिए हो रहा है।

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कंट्रोल रूम से हो रही है लाइव मॉनिटरिंग
अतिरिक्त आयुक्त मोनिका शुक्ला ने बताया कि औपचारिक चालान की कार्रवाई शुरू करने से पहले एक महीने तक इसका कड़ा ट्रायल किया गया था। फिलहाल विभाग के पास दो हाई-टेक ड्रोन हैं, जिनमें से एक का इस्तेमाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बड़ी सभाओं के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए भी किया जा रहा है। वहीं पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि इन ड्रोन से मिलने वाली लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम को ट्रांसफर होती है। इससे न सिर्फ नो-पार्किंग वालों पर कार्रवाई होगी, बल्कि कहीं भी जाम लगने पर तुरंत पुलिस बल को मौके पर भेजा जा सकेगा। साथ ही, ये ड्रोन क्षतिग्रस्त डिवाइडर जैसी सड़क इंजीनियरिंग की कमियों को पहचानने में भी मदद करेंगे।