बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी हिंदुओं पर ‘ग्रेनेड’ दागे, सड़कों पर मचा हाहाकार, पुलिस का कड़ा कहर

चटगांव
बांग्लादेश में इस्कॉन के महंत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद माहौल काफी गर्माया है। दरअसल चटगांव की एक अदालत ने मंगलवार को चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। जमानत खारिज किए जाने के बाद दास के समर्थनों ने इसका विरोध किया है और बांग्लादेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध के प्रदर्शनकारियों ने अदालत परिसर में प्रिजन वैन को घेर लिया और करीब ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंदू प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज की और साउंड ग्रेनेड भी दागे।

पुलिस वैन को समर्थकों ने घेरा
चिन्मय कृष्ण को सुबह करीब साढ़े दस बजे अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद दोपहर 12:20 बजे उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में सोमवार को उन्हें ढाका से गिरफ्तार किया गया था। जब पुलिस उन्हें प्रिजन वैन में लेकर जा रही थी, तो उनके सैकड़ों समर्थकों ने वैन को घेर लिया और सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के बार-बार अनुरोध के बावजूद समर्थक टस से मस नहीं हुए और चिन्मय कृष्ण की रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे।

See also  ऑपरेशन सिंदूर के बीच PAK के डिप्टी PM को आया सऊदी प्रिंस का फोन कहा 'ब्रदर, क्या मैं जयशंकर से बात करूं...

पुलिस ने लाठीचार्ज, साउंड ग्रेनेड भी दागे
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और बॉर्डर गार्ड्स ने दोपहर करीब 2:50 बजे लाठीचार्ज किया और साउंड ग्रेनेड फेंककर भीड़ को तितर-बितर किया। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रिजन वैन के टायर की हवा निकाल दी, जिसके बाद पुलिस ने चिन्मय कृष्ण को अपनी गाड़ी में बैठाकर चटगांव जेल भेजा। चटगांव पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त (प्रॉसिक्यूशन) मोफिजुर रहमान ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद चिन्मय कृष्ण को जेल भेजा जा रहा था, लेकिन उनके समर्थकों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को मजबूरन बल का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने की खबर है।

क्या है पूरा मामला?
31 अक्टूबर को चटगांव के कोतवाली थाने में चिन्मय कृष्ण दास और 18 अन्य के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। यह मामला चांदगांव मोहल्ला वार्ड के बीएनपी नेता फिरोज खान ने दायर किया था। हालांकि, बाद में फिरोज खान को बीएनपी से बर्खास्त कर दिया गया। चिन्मय कृष्ण के वकील स्वरूप कांति नाथ ने बताया कि उनकी जमानत के लिए महानगर सत्र न्यायालय में अपील की गई है, जिसकी सुनवाई बुधवार को होगी।

See also  SCO समिट में पुतिन के सामने घबराए शहबाज, कहा- कोई तो मदद करो!