इनकम टैक्स एक्ट 2025,घर खरीदना हुआ आसान, 12 लाख की नई छूट सीमा से मिडिल क्लास को बड़ी राहत

नई दिल्ली

1 अप्रैल 2026 से लागू हुए ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ ने घर खरीदारों और इन्वेस्टर्स के लिए खुशियों का रास्ता खोल दिया है. इस नए कानून का सीधा मकसद लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचाना और प्रॉपर्टी खरीदने की प्रोसेस को सरल बनाना है. आइए समझते हैं कि यह आपकी प्रॉपर्टी प्लानिंग को कैसे बदलेगा.

क्या आपकी जेब में अब ज्यादा पैसा बचेगा?
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, नए टैक्स कानून की सबसे बड़ी खूबी 12 लाख रुपये की नई छूट सीमा (Exemption Threshold) है. इसका सीधा मतलब है कि अब नौकरीपेशा लोगों के पास घर ले जाने के लिए ज्यादा सैलरी (Disposable Income) बचेगी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब हाथ में पैसा ज्यादा होगा, तो लोग आसानी से होम लोन की EMI चुका पाएंगे. इससे न सिर्फ पहली बार घर खरीदने वालों को हिम्मत मिलेगी, बल्कि पुराने इन्वेस्टर्स भी बिना कर्ज के बोझ के नई प्रॉपर्टी में पैसा लगा सकेंगे.

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क्या कागजी कार्यवाही अब कम होगी?
अक्सर लोग प्रॉपर्टी खरीदने से इसलिए कतराते थे क्योंकि कागजी काम और टैक्स (TCS) के नियम बहुत उलझे हुए थे. नए कानून ने PAN आधारित नियमों को आसान बना दिया है. खास तौर पर NRI (अनिवासी भारतीयों) के लिए अब भारत में घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुरक्षित हो जाएगा. जब कागजी काम कम होगा, तो सौदे जल्दी पूरे होंगे और मार्केट में पैसा तेजी से घूमेगा.

क्या मिडिल क्लास को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
जी हां, इस बदलाव का सबसे बड़ा असर मिडिल क्लास और किफायती घरों (Mid-income housing) पर दिखेगा. कम टैक्स और ज्यादा बचत के कारण अब लोग किराए के बजाय अपना घर खरीदने की तरफ तेजी से बढ़ेंगे. जानकारों का कहना है कि अब शहरों में लोग अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट की हिस्सेदारी 10% तक बढ़ा सकते हैं. साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी घरों की मांग बढ़ने की पूरी उम्मीद है.

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क्या युवाओं के लिए यह सही समय है?
आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) ट्रांसपेरेंसी और आसान इनवेस्टमेंट पसंद करती है. नया टैक्स ढांचा ट्रांसपेरेंट है, जिससे युवाओं के लिए रियल एस्टेट को एक लंबी अवधि के निवेश के रूप में देखना आसान हो गया है. कुल मिलाकर, यह नया कानून रियल एस्टेट को केवल जरूरत नहीं, बल्कि कमाई का एक मजबूत जरिया बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.