भारत का फ्रांस की कंपनी के साथ LEAP जेट इंजन को लेकर करार, कम खर्च में होंगे निर्माण

बेंगलुरु

 दुनिया के मौजूदा हालात और पड़ोस में दो शत्रु देश की मौजूदगी से भारत की चिंताओं का बढ़ना स्‍वाभाविक है. देश की सीमा एक तरफ पाकिस्‍तान से तो दूसरी तरफ चीन से लगती है. पाकिस्‍तान पूरी दुनिया में आतंकवाद को पनाह देने और टेरर फैलाने के लिए कुख्‍यात है. दूसरी तरफ, चीन की हड़प नीति से ग्‍लोबल कम्‍यूनिटी वाकिफ है. ऐसे में भारत के लिए अपनी डिफेंस सिस्‍टम को मजबूत और अपग्रेड करना काफी जरूरी हो गया है. हालात को देखते हुए भारत मिसाइल सिस्‍टम को अपडेट करने के साथ ही एयर डिफेंस सिस्‍टम को भी दुरुस्‍त कर रहा है. इसके साथ ही स्‍वदेशी फाइटर जेट बनाने की दिशा में भी महत्‍वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. इस बीच, खबर ऐसी भी चल रही है कि चीन ऑल वेदर फ्रेंड पाकिस्‍तान को पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट बेचने जा रहा है, ऐसे में भारत की चिंताएं बढ़ी स्‍वाभाविक है. भारत एक तरफ जहां फौरी तौर पर 5th जेनरेशन का फाइटर जेट खरीदने पर गंभीरता से विचार कर रहा है तो दूसरी तरफ स्‍वदेशी स्‍तर पर पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान डेवलप करने पर भी काम चल रहा है. इस प्रोजेक्‍ट को एडवांस्‍ड मीडियम कॉम्‍बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) का नाम दिया है. इस दिशा में भारत ने महत्‍वपूर्ण कदम उठाते हुए फ्रांस की डिफेंस कंपनी के साथ करार किया है, जिससे ताकतवर जेट इंजन के पार्ट्स भारत में ही बनाए जाएंगे.

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भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की विमान निर्माता कंपनी हिन्‍दुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड (HAL) ने फ्रांस की जेट इंजन मैन्‍यूफेक्‍चरर्स कंपनी सफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन के साथ महत्‍वपूर्ण करार किया है. इसके मुताबिक फ्रेंच कंपनी अब इंडिया में ही अत्‍याधुनिक LEAP इंजन के पार्ट्स बनाएगी. इससे एक तरफ जहां भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को गति मिलेगी तो वहीं देश में ही अल्‍ट्रा मॉडर्न फाइटर जेट का निर्माण करना संभव हो सकेगा. एचएएल और सफ्रान के बीच 55वें इंटरनेशनल पेर‍िस एयर शो में यह करार हुआ है. बता दें कि LEAP इंजन से जेट को ज्‍यादा थ्रस्‍ट हासिल होता है, जिससे विमान की रफ्तार काफी बढ़ती है. ऐसे में LEAP इंजन पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट को बनाने में मील का पत्‍थर साबित हो सकता है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस करार के तहत फ्रेंच कंपनी LEAP इंजन के लिए रोटेटिंग पार्ट्स अब इंडिया में ही बना सकेगी. बता दें कि इंटरनेशनल पेरिस एयर शो का आयोजन फ्रेंच एयरोस्‍पेस इंडस्‍ट्रीज एसोसिएशन की की सहायक एसआईएई की ओर से किया जाता है. इस बार 16 से 22 जून के बीच इसका आयोजन किया जा रहा है.

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भारत के लिए अहम है यह करार

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी सफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स (Safran Aircraft Engines) के बीच एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत HAL के बेंगलुरु स्थित फाउंड्री एंड फोर्ज डिविजन में इनकोनल (Inconel) रिंग फोर्जिंग टेक्नोलॉजी विकसित की जाएगी. इसके बाद यहां अत्याधुनिक रिंग रोलिंग फैसिलिटी में LEAP इंजन के लिए सुपर एलॉय फोर्ज्ड पार्ट्स का उत्पादन शुरू किया जाएगा. HAL के अनुसार, इस समझौते पर 18 जून को HAL के एलसीए डिविजन के महाप्रबंधक अब्दुल सलाम और सफ्रान के वाइस प्रेसिडेंट (पर्चेजिंग) डॉमिनिक डुपुई हस्‍ताक्षर किए हैं. यह समझौता HAL और सफ्रान के बीच अक्टूबर 2023 में हुए एमओयू का अगला चरण है, जिसमें LEAP इंजन के लिए पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग में औद्योगिक सहयोग विकसित करने की बात कही गई थी. फरवरी 2024 में दोनों पक्षों ने सुपर एलॉय फोर्जिंग के लिए एक अलग कॉन्ट्रैक्ट पर भी दस्तखत किए थे.
HAL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने कहा कि सफ्रान के साथ इस दीर्घकालीन साझेदारी को आगे बढ़ाकर हमें गर्व हो रहा है. यह समझौता न केवल हमारी औद्योगिक क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि इनकोनल फोर्जिंग तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा.

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LEAP इंजन इतना महत्‍वपूर्ण क्‍यों

अब सवाल उठता है कि LEAP इंजन इतना महत्‍वपूर्ण क्‍यों है. इसमें ऐसी क्‍या खासियत है, जिसे हर कोई हासिल करना चाहता है. दरअसल, LEAP इंजन हाई थ्रस्‍ट के साथ फ्यूल कंजम्पशन में भी काफी एफिशिएंट है. इसका मतलब यह हुआ कि विमान को ज्‍यादा गति मिल सकती है. साथ ही इस इंजन से लैसे विमान कम ईंधन में ज्‍यादा दूरी तय कर सकता है. इसमें लगे टर्बोफैन गति को बढ़ाने में काफी सहायक होते हैं. बता दें कि फाइटर जेट से पॉल्‍यूशन ज्‍यादा होता है, लेकिन यह इंजन इसे कम करने में सहायक साबित होता है. पांचवीं पीढ़ी के विमान के लिए रफ्तार काफी अहम हो जाता है, ताकि उसकी स्‍टील्‍थ कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके और दुश्‍मनों के रडार से विमान को बचाया जा सके. दुनिया की कई बड़ी कंपनियां LEAP इंजन का इस्‍तेमाल करती हैं.