ईरान का दावा: कतर में अमेरिकी सैन्य संचार प्रणाली को किया नष्ट, सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

नई दिल्ली

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. हाल ही में एक बड़ी घटना ने इस तनाव को और ज्यादा उजागर किया है. ईरान के भारत में दूतावास (@Iran_in_India) ने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें कहा गया कि ईरान ने कतर में अमेरिकी सैन्य की प्राथमिक संचार प्रणाली (रेडोम) को नष्ट कर दिया है.

सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि अल उदीद एयर बेस (Al Udeid Air Base) पर ईरान के मिसाइल हमले से एक उपग्रह संचार एंटीना पूरा तबाह हो गया है. इस घटना ने न केवल क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि इससे पहले कतर और अमेरिका द्वारा किए गए दावों को भी चुनौती दी है, जिसमें कहा गया था कि कोई नुकसान नहीं हुआ. 

क्या है रेडोम और इसका महत्व?

रेडोम (Radome) एक बड़ा, गोलाकार ढांचा होता है, जो उपग्रह और रेडियो संचार एंटीना को सुरक्षा प्रदान करता है. यह ढांचा मजबूत सामग्री से बना होता है, जो एंटीना को मौसम और बाहरी खतरों से बचाता है, जबकि संचार सिग्नल को बाधित नहीं करता. अमेरिकी सैन्य के लिए ये रेडोम्स मध्य पूर्व में महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये उनकी संचार क्षमताओं को बनाए रखते हैं. इनके बिना, सैन्य ऑपरेशंस, निगरानी और कम्युनिकेशन प्रभावित हो सकते हैं.

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कतर में अल उदीद एयर बेस अमेरिकी सैन्य का सबसे बड़ा बेस है, जहां से मध्य पूर्व में सभी हवाई ऑपरेशंस का नियंत्रण होता है. यहां एक प्राथमिक रेडोम था, जो अब नष्ट हो गया है. दूसरा रेडोम कुवैत में स्थित है, जो अभी सुरक्षित है.

उपग्रह तस्वीरें क्या दिखाती हैं?

ईरान के भारत में दूतावास ने जो तस्वीरें शेयर की हैं, उनमें स्पष्ट दिखाई देता है कि जहां पहले रेडोम था, वहां अब एक काला धब्बा है. यह धब्बा बताता है कि मिसाइल हमले से एंटीना पूरी तरह से नष्ट हो गया है. पास के एक हैंगर पर भी नुकसान हुआ है. ये तस्वीरें 10 जुलाई 2025 को ली गईं. इन्हें अब जारी किया गया है. 

इससे पहले, कतर और अमेरिका ने दावा किया था कि मिसाइल हमले से कोई नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन ये तस्वीरें उनके दावों को गलत साबित करती हैं. ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका द्वारा उनके परमाणु प्रतिष्ठानों पर किए गए हमलों का जवाब था.

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लंबे समय से तनाव जारी है

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लंबे समय से जारी है, खासकर परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर. 2025 की शुरुआत में, अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु सुविधाओं पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने कतर में अल उदीद एयर बेस को निशाना बनाया. इस हमले में 14 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से कुछ को कतर की एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया, लेकिन कुछ मिसाइलें बेस तक पहुंचीं.

ईरान का दावा है कि इस हमले से अमेरिकी सैन्य की संचार क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है, जबकि अमेरिका और कतर ने शुरुआत में कहा था कि कोई नुकसान नहीं हुआ. लेकिन अब सैटेलाइट तस्वीरें साफ तौर पर दिखाती हैं कि नुकसान हुआ है.

नुकसान का आकलन

    संचार प्रणाली का नुकसान: रेडोम के नष्ट होने से अमेरिकी सैन्य की संचार क्षमता प्रभावित हुई है. यह क्षमता निगरानी, निर्देश और ऑपरेशंस के लिए जरूरी है.

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    हैंगर का नुकसान: पास के हैंगर पर नुकसान हुआ है, जो हवाई जहाज और उपकरणों को रखने के लिए इस्तेमाल होता है. यह नुकसान अमेरिकी सैन्य की तैयारियों को भी प्रभावित कर सकता है. 

    क्षेत्रीय तनाव: इस घटना से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है. ईरान और अमेरिका के बीच की लड़ाई अब सीधे सैन्य ठिकानों पर पहुंच गई है, जो और ज्यादा खतरनाक हो सकता है.