ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा, ट्रंप की 1000 मिसाइलों वाली धमकी से मचा हड़कंप

नई दिल्ली
ईरान युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को एक हवाई हमले से हुई थी जिसमें 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे. ईरान ने इस सप्ताह खामेनेई को दफनाया. इससे पहले कई दिनों तक अंतिम संस्कार समारोह चला, जिसमें उनके शव को ईरान और इराक दोनों देशों के शहरों में ले जाया गया. खामेनेई की अंतिम यात्रा के बाद सुलह से ज्यादा संग्राम का जो डर लग रहा था, वो सही साबित होता दिख रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि ईरान पर 1000 मिसाइलें दागी जाने के लिए तैयार हैं.

वहीं सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अब बातचीत से इनकार कर दिया है. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपने रुख से पीछे नहीं हटता, तब तक किसी भी तरह की वार्ता संभव नहीं होगी.

बता दें, इस पूरे हफ्ते अमेरिका और ईरान में सिर्फ बयानों का वार-पलटवार ही नहीं हुआ, मिसाइलों का प्रहार भी जमकर हुआ. होर्मुज में जहाजों पर हमलों से शुरू हुई लड़ाई कुछ ही घंटों में ईरान के अलग-अलग शहरों में बमबारी तक पहुंच गई.

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एक तरफ ईरान अली खामेनेई को दफनाने की तैयारियों में जुटा था तो दूसरी तरफ उसे अमेरिका के हमले का जवाब देने के लिए कतर और बहरीन तक सैन्य ठिकानों पर निशाने लगाने पड़े. दोनों इतने पर ही नहीं रुके. अमेरिका ने तेहरान के आसपास कई इलाकों में ताबड़तोड़ हमले किए, पुल उड़ा डाले और ऑयल रिफाइनरी तक को निशाना बनाया.

वहीं, ईरान ने तेल अवीव और कई इलाकों में इजरायल के मिलिट्री बेस को बर्बाद कर दिया. सीजफायर की धज्जियां उड़ाते इन हालातों ने ट्रंप का गुस्सा और बढ़ा दिया. पहले उन्होंने बयान दिया कि हमने अच्छे होने की वजह से ईरान को एक हफ्ते की छुट्टी दी है ताकि वो अपने नेता को अंतिम विदाई दे पाएं, फिर ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्ध में हमारे हाथों पूरी तरह बर्बाद हो चुका है. लेकिन अब ट्रंप का जो ताजा बयान आया है, उसने तो हड़कंप मचा दिया है.

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एक साल तक ईरान पर हमले जारी रखने को तैयार
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट में कहा है कि अगर ईरान की सरकार ने अपनी उस धमकी पर अमल किया, जिसमें उसने अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति (यानी मुझपर) जानलेवा हमला करने या हत्या करने की बात कही है, तो ईरान पर 1000 मिसाइलें दागी जाने के लिए तैयार हैं. इसके तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी. इसके लिए आदेश दिए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार और सक्षम है कि वो एक साल तक ईरान पर हमले जारी रखे और ईरान के हर इलाके को पूरी तरह तबाह और बर्बाद कर दे.

ट्रंप ने इस पोस्ट के जरिए एक तरफ जहां अमेरिकी सेना के महायुद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहने का संदेश दिया है, वहीं ये भी साफ कर दिया है कि फिलहाल जो हालात हैं, उनमें युद्ध किसी भी पल फिर से शुरू हो सकता है. वैसे भी वो बार बार दोहरा रहे हैं कि युद्धविराम अब खत्म हो चुका है.

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ईरान भी अमेरिका पर ही आरोप लगा रहा है कि ये सब उसी का किया धरा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा, ईरान ने अब तक अपना वादा निभाया है, जबकि अमेरिका ने MoU के पैरा 9 का उल्लंघन किया. अमेरिका एक के बाद एक उल्लंघन कर रहा है. सीजफायर के स्थायी होने की सारी उम्मीदें फिलहाल टूट चुकी हैं. अब दोनों देशों की मिसाइलें तैयार हैं. गरजने के लिए भी, बरसने के लिए भी.