कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा

बेंगलूरो
कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि घर को रजाकरों ने जलाया था, पूरे मुस्लिम समुदाय ने नहीं। दरअसल, हाल ही में सीएम आदित्यनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर हुए हमले का जिक्र किया था। उन्होंने आरोप लगाए थे कि खरगे ने वोट बैंक के चलते इस घटना पर चुप्पी साध रखी थी।

प्रियांक खरगे ने पोस्ट किया, 'हां योगी आदित्यनाथ जी 1948 में रजाकरों ने खरगे जी का घर जला दिया था और उनकी मां और बहन की जान ले ली थी। लेकिन वह बच गए और 9 बार विधायक, दो बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा सांसद, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा के नेता, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के चुने हुए अध्यक्ष बने। इस घटना के बावूजद उन्होंने इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया, कभी विक्टिम कार्ड नहीं खेला और नफरत को कभी पास नहीं आने दिया।'

See also  रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना से सरगुजा के दिल भरन राजवाड़े परिवार को मिला पक्का आशियाना

उन्होंने आगे लिखा, 'रजाकरों ने यह घटना को अंजाम दिया, पूरे मुस्लिम समुदाय ने नहीं। हर समुदाय में बुरे लोग होते हैं, जो गलत काम करते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'तो सीएम साहब मुझे बताए कि आपकी विचारधारा खरगे जी को बराबर का देखने में असफल रही। यह इंसानों में फर्क करती है। क्या इससे आप सभी बुरे हो जाते हैं या वो जो इसे मानते हैं।'

प्रियांक ने सवाल किया, 'किसने उन्हें अछूत या दलित का लेबल दिया। भेदभाव करने वाली विचारधारा का होना समुदाय के सभी लोगों को बुरा नहीं बनाता है। बनाता है क्या?' उन्होंने कहा, '82 साल की उम्र में खरगे जी बुद्ध-बासवन्ना-आंबेडकर के मूल्यों के लिए बगैर थके लड़ रहे हैं और आपकी फैलाई हुई नफरत से संविधान को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वह इस जंग को जारी रखेंगे।'

उन्होंने कहा, 'तो योगी जी आप अपनी नफरत को कहीं और ले जाओ। आप उनके सिद्धांतों या उनकी विचारधारा पर बुलडोजर नहीं चला पाएंगे।' कर्नाटक सरकार में मंत्री ने कहा, 'राजनीतिक फायदे के लिए नफरत के बीज बोने के बजाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की 'उपलब्धियों' पर चुनाव जीतने की कोशिश करें।'

See also  आरपीएफ जवान की बहादुरी, चलती ट्रेन में घसीट रहा था यात्री, दौड़कर बचाई जान