KBC में पहुंची छत्तीसगढ़ की फुलबासन, जीते 50 लाख 

Johar36garh News|केबीसी 12 (KBC 12) में आने वाले कर्मवीर स्पेशल (Karamveer Special) एपिसोड में बीते शुक्रवार (23 अक्टूबर) को पद्मश्री से सम्मानित फूलबासन यादव (Phoolbasan Yadav) बतौर गेस्ट आईं. उनके खेल में उनका साथ देने के लिए बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस रेणुका शहाणे (Renuka Sahane) भी उनके साथ पहुंची. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की रहने वाली फूलबासन महिलाओं के लिए मिसाल हैं. मां बम्लेश्वरी वह जनहित कार्य समिति के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की मदद करती हैं. उन्होंने अपनी बातों से अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को भी काफी प्रभावित किया. इस शो से वह 50 लाख रुपये जीतकर वापस लौटीं.

50 साल की फूलबासन यादव (Phoolbasan Yadav) भारत में छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ी महिलाओं के विकास के लिए अथक प्रयास कर रही हैं. पहले आत्मनिर्भर बनने के लिए उनका गरीबी से संघर्ष और फिर दूसरों को सशक्त बनाने में उनका योगदान, अनेक लोगों के लिए एक प्रेरणा है. शो में 50 लाख के लिए पूछे गए सवाल का उन्होंने सही जवाब दिया. 50 लाख के लिए हिमाचल प्रदेश से जुड़ा सवाल पूछा गया था.

See also  अप्रकाशित किताब लीक मामला: जनरल नरवणे से जुड़ी FIR, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

सवाल था, ‘इनमें से कौन एक पर्यावरणविद थी जिन्हें अपने राज्य हिमाचल प्रदेश में, अवैध खनन के खिलाफ लड़ाई लड़ने और जोरदार आवाज उठाने के लिए जाना जाता है?’

A. किंकरी देवीB. दया बाई
C. मानसी प्रधान
D. चुनी कोटस

इसका सही जवाब फूलबासन को नहीं पता था. उन्होंने इस सवाल के जवाब के लिए अपने लाइफ लाइन आस्क दी एक्सपर्ट का इस्तेमाल किया और उनकी मदद से इस सवाल का सही जवाब ऑप्शन A किंकरी देवी को चुना और 50 लाख रुपये की धनराशि जीत ली. इसके तुरंत बाद ही हूटर बजने की वजह से शो को यहीं रोकना पड़ा.

फूलबासन यादव अपने स्वयंसेवी समूहों के जरिए वे रोजगार के अवसर पैदा करके न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बना रही हैं, बल्कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और जलापूर्ति जैसी गांव की जरूरतों का भी ख्याल रख रही हैं. साथ ही वे बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता भी फैला रही हैं. इसके अलावा उन्होंने गांव में व्यसन मुक्ति अभियान चलाने के लिए एक ‘महिला फौज’ भी तैयार की है, ताकि वो घरेलू हिंसा के मामलों पर लगाम लगा सकें.

See also  जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया: उत्तम स्वास्थ्य की कामना

रेणुका शहाणे ने फूलबासन से इम्प्रेस होकर कहा, ‘इनकी कहानी सुनकर, भले ही मैं पढ़ी-लिखी हूं, मुझे बुरा लगता है, क्योंकि मैं शिक्षित हूं, तो मैं कभी भी समाज के लिए कुछ करने की क्यों नहीं सोचती?’