हार्ट डिजीज के ये 5 छुपे संकेत जानें — छोटी बातें जो बड़ा खतरा बन सकती हैं

दिल की बीमारियों को अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसके कई लक्षण ऐसे होते हैं जो सामान्य समस्या जैसे लगते हैं। इसलिए जब तक गंभीर समस्या सामने आती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

आमतौर पर लोग सीने में उठे तेज दर्द को ही दिल की बीमारी का संकेत मानते हैं, लेकिन इसके अलावा ऐसे कई लक्षण हैं, जो बेहद मामूली परेशानी जैसे दिखाई देते हैं। अगर वक्त रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो हार्ट डिजीज को बढ़ने से रोका जा सकता है। आइए जानते हैं हार्ट डिजीज के ऐसे ही 7 लक्षणों के बारे में जिन्हें आसानी से इग्नोर कर दिया जाता है।

लंबे समय तक बलगम की समस्या
लगातार खांसी और सफेद या गुलाबी बलगम आना भी हार्ट डिजीज का एक लक्षण हो सकता है। जब दिल शरीर में ब्लड को बेहतर तरीके से पंप नहीं कर पाता, तो फेफड़ों में फ्लूड जमा होने लगता है। इससे लगातार खांसी आती है और कभी-कभी बलगम के साथ खून भी आ सकता है। इसे अक्सर सर्दी-जुकान या फेफड़ों की समस्या समझ लिया जाता है, जबकि इसकी जड़ में दिल की कमजोरी भी हो सकती है।

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मितली या अपच
बार-बार होने वाली मितली, उल्टी, सीने में जलन या अपच जैसे लक्षण भी हार्ट अटैक, खासकर महिलाओं में, के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। क्योंकि ये लक्षण आमतौर पर खाने से जुड़ी समस्या लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते। अगर ऐसे लक्षण बिना किसी वजह के, खासकर सीने में बेचैनी के साथ दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

चक्कर आना या हल्का-सा सिर घूमना
अचानक चक्कर आना, सिर घूमना या बैलेंस खो देना भी यह संकेत देता है कि दिल ठीक से ब्लड पंप नहीं कर पा रहा है। यह लक्षण हार्ट अटैक, अनियमित हार्ट बीट, या दिल के वाल्व में खराबी के कारण हो सकता है। थकान या कमजोरी के चलते भी चक्कर आ सकते हैं, लेकिन अगर यह अचानक और बार-बार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लगातार थकान बनी रहना
अगर बिना किसी मेहनत वाले कामों, जैसे सामान्य चलना, घर की सफाई करना या नहाने में भी सांस फूलने लगे और बहुत थकान होने लगे, तो यह चिंता का विषय है। जब दिल कमजोर होता है, तो यह मांसपेशियों की एनर्जी की मांग को पूरा नहीं कर पाता, जिससे दिनभर थकान और कमजोरी बनी रहती है। इसे अक्सर उम्र, नींद की कमी या तनाव का नतीजा मानकर टाल दिया जाता है।

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सोते वक्त खर्राटे
जोर-जोर से खर्राटे लेना और सोते समय अचानक सांस रुकना हार्ट डिजीज का एक संकेत है। सांस रुकने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।