छतरपुर में लोकायुक्त की भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, इसलिए मांगी थी घूस

 छतरपुर 

छतरपुर जिले में लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। धमोरा ग्राम में पदस्थ पटवारी अनिल रूसिया को नामांतरण के एवज में एक हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।  

जानकारी के अनुसार, फरियादी रामप्रसाद कुशवाहा से पटवारी अनिल रूसिया द्वारा नामांतरण के लिए 3500 की रिश्वत मांगी गई थी। फरियादी ने पहले ही 2500 रुपये की राशि दे दी थी, लेकिन कार्य में कोई प्रगति नहीं हुई। जब पटवारी ने शेष 1000 रुपये की मांग की, तब परेशान होकर रामप्रसाद ने सागर लोकायुक्त टीम से संपर्क किया। लोकायुक्त टीम ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की। जैसे ही पटवारी ने 1000 रुपये की शेष रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई धमोरा हल्का में की गई, जहां अनिल रूसिया वर्तमान में पदस्थ था। इस पूरे मामले में ओरछा थाना क्षेत्र में आगे की कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर ली है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

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फरियादी रामप्रसाद कुशवाहा ने बताया कि मैंने नामांतरण के लिए आवेदन दिया था, लेकिन पटवारी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। पहले 2500 रुपये दे दिए, फिर भी काम नहीं हुआ, जब 1000 रुपये और मांगे गए तो मैंने लोकायुक्त से शिकायत की।

लोकायुक्त डीएसपी बोले- जांच जारी
लोकायुक्त डीएसपी सागर, संजय जैन ने बताया कि हमें शिकायत मिली थी कि पटवारी अनिल रूसिया नामांतरण के एवज में रिश्वत मांग रहा है। हमने फरियादी के सहयोग से जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है। 

16 जून को पटवारी 4 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया था

सागर लोकायुक्त की टीम ने बीते 16 जून को एक पटवारी को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था. वसीयत का नामांतरण करने की एवज में पटवारी ने फरियादी से पांच हजार रुपये की मांग की थी. आरोपी पटवारी का नाम श्यामलाल अहिरवार था. फरियादी पुष्पेंद्र अहिरवार निवासी निवरिया से घूस मांगी थी. देरी रोड कृष्ण कॉलोनी से कार्रवाई करते हुए हुए गिरफ्तारी की गई थी.

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पटवारी के घर से सीसीटीवी का DVR सहित अन्य सामग्री जब्त

वहीं, बीते 26 मई को कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त की टीम ने पंकज दुबे पटवारी के घर पर रेड मारी थी. 5000 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा था.हालांकि, मौके से पैसे नहीं मिले. टीम का आरोप है कि रुपये चबाकर पटवारी के पिता खा गए थे.सीमांकन के प्रकरण में नैगुंवा के किसान दयाराम राजपूत से 5000 हजार की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था. पटवारी के घर में लगे सीसीटीवी का DVR सहित अन्य सामग्री को जब्त किया.