मध्य प्रदेश सरकार ने मेडकल कॉलेज और हॉस्पिटल की सुरक्षा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए

भोपाल

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद से मध्य प्रदेश सरकार ने भी सीख लेते हुए कई कमियों को दूर करने का फैसला किया है. इसके तहत प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अब और भी चॉक चौबंद व्यवस्था की जा रही है. 

प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स को कार्ड के साथ ही सीटी भी उपलब्ध कराई जाएगी. अगर वे मदद के मामले में जोर से चिल्लाने में असमर्थ हैं तो सीटी बजाकर मदद मांग सकेंगे.

संवेदनशील स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी
बता दें, कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या की घटना के बाद से प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. अब कॉलेज डीन या अधीक्षक रात्रिकालीन गश्त करेंगे. साथ ही हॉस्पिटल में ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां रोशनी का इंतजाम किया जाएगा. 

इसके अलावा पार्किंग, बेसमेंट, छत, सीढ़ीयों और ऐसी जगह जहां आवाजाही कम हो, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इसे लेकर संचालक लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा ने मंगलवार (20 अगस्त) को प्रदेश के 17 मेडिकल कॉलेजों और इससे संबंधित अस्पतालों में एक सप्ताह में यह सभी व्यवस्था कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं.

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शाम 6 के बाद एंट्री बेन
अब मरीजों के साथ उनके परिजनों की फौज नहीं होगी, बल्कि एक मरीज के साथ एक तीमारदार को मंजूरी दी जाएगी. साथ ही शाम 6 बजे के बाद अस्पतालों में प्रवेश गेट और वार्डों में अनावश्यक व्यक्तियों की मंजूरी नहीं होगी. 

भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता एन सिंह के अनुसार जीएमसी में तीन क्विक रिस्पांस टीम बनाई गई है. यह टीम इमरजेंसी में तुरंत मदद करेगी. इसके अलावा सभी स्टूडेंट्स को आईकार्ड के साथ अपने पास एक सीटी रखने के लिए भी कहा गया है. इस सीटी को बजाकर वह मदद मांग सकेंगे.

 मेडिकल कॉलेजों में होगी यह व्यवस्था
– मरीज और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी. 
– परिसर में अगर पुलिस चौकी है तो वह भी परिसर की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करेंगे.
– सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में प्रवेश और निकास गेट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होगी. असामाजिक तत्वों को पहले ही रोककर पूछताछ की जाएगी.

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