ईरान में बड़ा बदलाव: अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी बने अंतरिम सर्वोच्च नेता

तेहरान
ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मौत के कुछ घंटों बाद ईरान ने अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को देश का अंतरिम सर्वोच्च नेता नियुक्त कर दिया है। ईरान सरकार ने बताया कि तेहरान स्थित उनके आवासीय परिसर पर हुए हमले में खामेनेई की जान गई। वह साल 1989 से देश के सर्वोच्च नेता थे। इससे पहले 1979 की इस्लामी क्रांति के नेता रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद उन्होंने यह पद संभाला था। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, संकट काल में देश का कामकाज एक तीन सदस्यीय परिषद देखेगी। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश ग़ुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मविद शामिल होगा।
ईरान के संविधान के अनुसार, जब तक नया स्थायी सर्वोच्च नेता नहीं चुना जाता, तब तक यही परिषद नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाएगी। नए सर्वोच्च नेता का अंतिम फैसला विशेषज्ञों की सभा करेगी। यह 88 सदस्यों का धार्मिक निकाय है, जिसके पास देश की राजनीतिक व्यवस्था, सेना और अहम संस्थानों पर अंतिम अधिकार होता है।
बता दें कि अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी का जन्म 1959 में ईरान के मेयबोद शहर में हुआ था। वह गार्जियन काउंसिल के सदस्य भी हैं, जो कानूनों की जांच और चुनावों की निगरानी करता है। साथ ही, 2008 से 2018 तक अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रमुख भी रहे। 2011 से सांस्कृतिक क्रांति की सर्वोच्च परिषद के स्थायी सदस्य हैं। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच उनकी नियुक्ति को ईरान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

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