Google को बड़ा झटका, EU कोर्ट ने एंटीट्रस्ट केस में ₹4.1 लाख करोड़ की पेनाल्टी पर लगाई मुहर

 नई दिल्ली

गूगल को यूरोप में एक बड़ा कानूनी झटका लगा है. यूरोपीय संघ (EU) की सबसे बड़ी अदालत ने एंड्रॉयड से जुड़े एंटीट्रस्ट मामले में गूगल की अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही कंपनी पर लगाया गया 4.1 अरब यूरो (करीब 4.10 लाख करोड़ रुपये) का रिकॉर्ड जुर्माना बरकरार रहेगा. यह मामला पिछले आठ साल से चल रहा था। 

यह जुर्माना पहली बार 2018 में यूरोपीय आयोग (European Commission) ने लगाया था. आयोग का आरोप था कि Google ने Android ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करके अपने सर्च और क्रोम ब्राउज़र को बढ़ावा दिया और दूसरी कंपनियों के लिए कंपटीशन करना मुश्किल बना दिया। 

उस समय कंपनी पर 4.34 अरब यूरो का जुर्माना लगाया गया था. बाद में 2022 में एक निचली अदालत ने इसे घटाकर 4.1 अरब यूरो कर दिया, लेकिन जुर्माना खत्म नहीं किया. अब EU की सर्वोच्च अदालत ने भी इसी फैसले को सही माना है। 

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अदालत ने कहा कि गूगलग और उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet की अपील खारिज की जाती है. कोर्ट के मुताबिक, एंड्रॉयड से जुड़े समझौतों के जरिए गूगल ने अपने प्रभुत्व का गलत फायदा उठाया और बाजार में कंपटीशन को प्रभावित किया। 

गूगल पर क्या आरोप हैं?
यूरोपीयन यूनियन का कहना था कि गूगल स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों से ऐसी शर्तें रखता था, जिनके तहत गूगल प्ले स्टोर का लाइसेंस लेने के लिए गूगल सर्च और क्रोम को पहले से इंस्टॉल करना जरूरी होता था। 

आयोग का मानना था कि इससे दूसरे सर्च इंजन और ब्राउज़र को बराबरी का मौका नहीं मिला और एंड्रॉयड बाजार में गूगल की पकड़ और मजबूत होती गई। 

गूगल ने इस फैसले पर निराशा जताई है. कंपनी का कहना है कि एंड्रॉयड एक ओपन और फ्री प्लेटफॉर्म है, जिसने मोबाइल इंडस्ट्री में कंपटीशन बढ़ाने और हजारों कंपनियों को कारोबार करने का मौका दिया है। 

गूगल का यह भी कहना है कि अदालत ने एंड्रॉयड को खुला और सभी के लिए उपलब्ध बनाए रखने में कंपनी के निवेश को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। यह फैसला Google के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले कुछ सालों में यूरोप ने कंपनी पर कई एंटी ट्रस्ट मामलों में कार्रवाई की है. एंड्रॉयड केस के अलावा गूगल शॉपिंग और ऑनलाइन ऐड्स से जुड़े मामलों में भी कंपनी को अरबों यूरो के जुर्माने का सामना करना पड़ा है। 

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यूरोपीयन यूनियन लगातार बड़ी टेक कंपनियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है और उनका मानना है कि बाजार में निष्पक्ष कंपटीशन बनाए रखने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं। इस फैसले के बाद Android मामले में Google की कानूनी लड़ाई लगभग खत्म हो गई है और कंपनी को 4.1 अरब यूरो का जुर्माना भरना होगा. यह अब भी यूरोप में किसी टेक कंपनी पर लगाए गए सबसे बड़े एंटीट्रस्ट जुर्मानों में से एक है।