तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता निर्वाचन आयोग के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर मतपेटियों को गैर-कानूनी तरीके से खोल रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के एक राज्यसभा सदस्य ने सीसीटीवी फुटेज जारी किया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दोनों चरणों के मतदान और एग्जिट पोल के बाद माहौल उस समय गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस की तरफ से एक CCTV वीडियो जारी किया गया और स्ट्रॉनग रूम में मशीनों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए। इसी बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी बारिश के बीच स्ट्रॉन्गरूम पहुंच गईं। वह अपनी चुनावी क्षेत्र भबानीपुर के उस केंद्र में पहुंचीं, जहां EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें रखी हुईं थीं। इतना ही नहीं उन्होंने चेतावनी भी दे दी है कि अगर EVM के साथ छेड़छाड़ की गई, तो वह जीने मरने की जंग तक के लिए भी तैयार हैं। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की सांठ गांठ है और चुनावी धोखाधड़ी की जा रही है। इधर, निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि स्ट्रॉन्ग रूम बंद हैं और सील किए जा चुके हैं।
सड़क पर होते-होते रह गया भाजपा बनाम टीएमसी, झड़प की स्थिति बनी
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार शाम नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन किया जहां ईवीएम का स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता निर्वाचन आयोग के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर मतपेटियों को गैर-कानूनी तरीके से खोल रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के एक राज्यसभा सदस्य ने सीसीटीवी फुटेज जारी किया।
इस फुटेज में कथित तौर पर कुछ अनजान लोग स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर घूमते हुए दिखाई दे रहे थे। जैसे-जैसे रात बढ़ती गई दोनों दलों के समर्थक और कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाने लगे। दोनों पार्टियों के अलग-अलग नेता जब स्टेडियम पहुंचे, तो वहां झड़प जैसी स्थिति बन गई। हालात और ज्यादा तनावपूर्ण होते देख नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।
BJP and their compromised Election Commission have no idea who they are dealing with.
They have imported operatives from other states to swarm the area outside the Netaji Indoor Stadium, staging a media spectacle to mask their fear. We do not need to mobilize. At one command… pic.twitter.com/PHQk7K5fiQ
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026
TMC के आरोप- बैलेट बॉक्स खोले जा रहे
TMC ने गुरुवार को एक्स पर एक वीडियो शेयर किया और लिखा, ‘CCTV फुटेज से यह खुलासा हुआ है कि कैसे भाजपा, चुनाव आयोग के साथ मिलकर, किसी भी पार्टी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना बैलेट बॉक्स खोल रही है। यह सरेआम की जा रही चुनावी धोखाधड़ी है, जिसे चुनाव आयोग की पूरी जानकारी और सुरक्षा में अंजाम दिया जा रहा है।’
पार्टी ने कहा, ‘उन्होंने हर गंदा तरीका आजमाया। नाम हटाना, मतदाताओं को डराना, केंद्रीय बलों का आतंक और भारी कैश बांटना, लेकिन वे बुरी तरह नाकाम रहे। अब, पूरी तरह से हताश होकर, वे EVM के साथ छेड़छाड़ करने पर उतर आए हैं। लेकिन बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली या बिहार जैसा नहीं है। हम चुप बैठकर उन्हें अपने लोकतंत्र को लूटते हुए नहीं देखेंगे।’
पश्चिम बंगाल के कुल्टाली में सेक्टर आफ़िसर ऑटो में EVM लेकर घूम रहा है वो भी बिना किसी सुरक्षा के!! क्या हो रहा है ये ?😳@ECISVEEP के.चु.आ. जी कहाँ हो आप?? अब तो गर्मी भी नहीं रही की AC में सो रहे हो चैन से… pic.twitter.com/j5C1aRQUY3
— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) April 29, 2026
धरने की तैयारी
टीएमसी ने एक्स पोस्ट पर आगे बताया कि डॉक्टर शशि पंजा और कुणाल घोष नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरने पर बैठे हैं। पार्टी ने कहा, ‘हम दिल्ली के ‘जमींदारों’ और उनके हाथ की कठपुतली बने चुनाव आयोग को जनता का जनादेश चोरी नहीं करने देंगे।’
चुनाव आयोग क्या बोला
चुनाव आयोग ने स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर बाहरी लोगों की मौजूदगी को लेकर तृणमूल कांग्रेस के आरोप को खारिज करते हुए दावा किया कि पोस्टल बैलेट को अलग करने की प्रक्रिया सभी तय नियमों के अनुसार ही की गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने देर शाम संवाददाता सम्मेलन में इन आरोपों को खारिज किया और पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र में बने जिला स्ट्रॉन्ग रूम में पोस्टल बैलेट को अलग करने की प्रक्रिया 30 अप्रैल को शाम चार बजे शुरू होनी थी, जिसकी घोषणा पहले ही की गई थी। उन्होंने कहा, ‘अलग किए गए बैलेट को प्रक्रिया के अनुसार, उत्तरी 24 परगना के बारासात में स्थित नोडल क्लियरिंग हाउस में भेजा जा रहा था। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उत्तरी कोलकाता के सभी जनरल ऑब्जर्वर से इस प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहने का अनुरोध किया गया था।’
उन्होंने यह भी बताया कि रिटर्निंग अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिए गए थे कि वे चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों और उनके चुनाव एजेंटों को इस बारे में सूचित करें, ताकि अगर वे चाहें तो पूरी प्रक्रिया की सीधे तौर पर निगरानी कर सकें। अग्रवाल ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से दिशा-निर्देशों के अनुसार ही चलाई जा रही है और सभी संबंधित पक्षों को इसकी विधिवत सूचना दी गई थी।
पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी गुरुवार को भवानीपुर के एक ईवीएम ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ का दौरा कर धांधली का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि मतगणना प्रक्रिया से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाए। चार मई को होने वाली मतगणना से पहले कड़े सुर में उन्होंने कहा, ‘अगर मतगणना प्रक्रिया से छेड़छाड़ का कोई इरादा है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ बनर्जी शहर में हो रही मूसलाधार बारिश की परवाह किए बिना शाम को ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ स्थल पर पहुंचीं थीं।
ममता बनर्जी कोलकाता के स्ट्राँग रूम पहुंची और बाहर आकर बोलीं!
मुझे सुरक्षाबलों द्वारा रोकने का प्रयास किया गया!
स्ट्राँग रूम में जाने का मुझे अधिकार है!यहाँ टैम्परिंग की कोशिश की गई लेकिन हम इन कोशिशों को कामयाब नहीं होने देंगे!#Bengal #MamataBanerjee pic.twitter.com/2GapPOjuwi
— Sunaina Singh 🇮🇳 (@SunainaSpeaks) May 1, 2026
4 घंटें रुकीं
दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल में अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर के मतगणना केंद्र में करीब चार घंटे बिताने के बाद बनर्जी रात करीब 12.07 बजे वहां से निकलीं। उन्होंने कहा कि मतगणना क्षेत्र में केवल एक व्यक्ति को जाने की इजाजत दी जाएगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘वहां या तो उम्मीदवार या कोई एक एजेंट रुक सकता है। मैंने मीडिया के लिए भी एक सीसीटीवी कैमरा लगाने का सुझाव दिया है।’
पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जनता के वोटों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। मैं शिकायतें मिलने के बाद यहां पहुंची। केंद्रीय बलों ने शुरू में मुझे घुसने नहीं दिया।’
बाहर आते ही चेतावनी दे दी
बाहर आते ही सीएम बनर्जी ने कहा, ‘अगर किसी ने EVM मशीन चुराने या गिनती में गड़बड़ी करने की कोशिश की, तो हम जान की बाजी लगा देंगे और आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘यहां EVM के लिए एक स्ट्रॉन्ग रूम है। हमने पाया कि कई जगहों पर हेराफेरी की जा रही है। जब मैंने इसे टीवी पर देखा, तो मुझे लगा कि मुझे यहाँ आना चाहिए।’
10 हजार लोगों को उतारने की धमकी दे रही TMC
एक एक्स पोस्ट में TMC ने लिखा, ‘बीजेपी और उनके इशारों पर चलने वाले चुनाव आयोग को यह अंदाज़ा नहीं है कि उनका पाला किससे पड़ा है। उन्होंने नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर बाहरी राज्यों से लोग बुलाकर भीड़ जमा की है, ताकि मीडिया में दिखावा करके अपने डर को छिपा सकें। हमें भीड़ जुटाने की जरूरत नहीं है। ममता बनर्जी के बस एक इशारे पर, कुछ ही मिनटों में वहां 10,000 लोग जमा हो जाएंगे।’
आगे कहा, ‘हम शांति इसलिए चुनते हैं क्योंकि हम कानून का सम्मान करते हैं, इसलिए नहीं कि हम आपसे डरते हैं। लेकिन हमारी शराफत को हमारी कमजोरी समझने की गलती न करें। एक भी EVM को छूने या जनता के जनादेश को लूटने की कोशिश की, तो आपको अपने अंजाम भुगतने होंगे। दीदी ने आज खुद मोर्चे पर खड़े होकर सबको रास्ता दिखा दिया है। हम पूरी तरह सावधान और सतर्क हैं। छेड़छाड़ की किसी भी कोशिश को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। इस चेतावनी को याद रखें। बंगाल को लूटने नहीं दिया जाएगा।’
#WATCH | कोलकाता, पश्चिम बंगाल | TMC नेता शशि पांजा ने कहा, “…हमने सवाल किया कि स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर क्या हो रहा है या इसकी जानकारी हमें क्यों नहीं है?… अगर आप राजनीतिक पार्टी को खबर नहीं देते हैं कि कोई काम होने जा रहा है तब तो गड़बड़ ही है… यदि हमारी पार्टी से संपर्क… https://t.co/MvcYIMNVMa pic.twitter.com/wl9qrZVbs1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 30, 2026
एग्जिट पोल में टीएमसी को झटका, भाजपा को फायदा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार शाम आए कई चुनाव सर्वेक्षण एजेंसियों के सर्वे में भाजपा को निर्णायक बढ़त या बहुमत मिलने की संभावना जताई गई। हालांकि कुछ सर्वेक्षणों ने तृणमूल कांग्रेस की सरकार बरकरार रहने का अनुमान जताया है।
पीपुल्स प्लस के सर्वे में कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस 177 से 187 सीटें हासिल करके अपनी सत्ता बरकार रख सकती है। भाजपा को 95 से 110 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को एक से तीन सीट मिलने की संभावना जताई गई है।
जनमत पोल्स के एग्जिट पोल के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को 195 से 205 सीटें मिल सकती हैं तो भाजपा को 80 से 90 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है।
‘पोल डायरी’ के सर्वे का अनुमान है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 142 से 171 सीटों के साथ पहली बार सत्ता में आ सकती है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को 99 से 127 से ही संतोष करना पड़ सकता है।
मैट्रिज के सर्वेक्षण में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 146 से 161 सीटों के साथ सरकार बना सकती है और टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिल सकती है तथा वह सत्ता से बाहर हो सकती है।
पी-मार्क के सर्वेक्षण में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को 150 से 175 सीटें मिल सकती हैं तो टीएमसी को 118-138 सीटें मिलने का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल के लिए ‘न्यूज 18’ द्वारा किए गए एक अन्य एग्जिट पोल में भाजपा को 143-163 सीटें और तृणमूल कांग्रेस को 127-147 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। ‘टुडेज चाणक्य’ ने पश्चिम बंगाल में भाजपा को 192 सीटें और तृणमूल कांग्रेस को 100 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 148 है।
तृणमूल कांग्रेस का बड़ा आरोप – वोटिंग के बाद भाजपा के लोग पोस्टल वोट वाले बैलट बॉक्स खोल रहे हैं.
पार्टी ने वीडियो भी जारी किया है.
ममता बनर्जी नेताजी इनडोर स्टेडियम पहुंच रही हैं.
कुणाल घोष और शशि पंजा स्टेडियम के बाहर धरने पर. pic.twitter.com/WOg0Oj5TCN
— Siddhant Mohan (@Siddhantmt) April 30, 2026