Metro Project: टनल बोरिंग मशीनों को प्लेटफार्म नंबर छह की ओर जमीन में उतारी जाएगी, लेकिन बारिश में ये संभव नहीं होगा

 भोपाल 

 एमपी के भोपाल शहर में बारिश के चलते मेट्रो ट्रेन के काम की गति धीमी हो जाएगी। खासकर वे काम जो नई लाइन के लिए सर्वे और अंडरग्राउंड से जुड़े हैं। पानी जमीन में उतरने से गहराई में 20 मीटर तक स्थितियों का पता करने में दिक्कत आ रही है। 

 टनल बोरिंग मशीनों को प्लेटफार्म नंबर छह की ओर जमीन में उतारी जाएगी, लेकिन बारिश में ये संभव नहीं होगा। मेट्रो रेल कारपोरेशन ने मशीन की कंपाइलेशन शुरू कर दी है। मुख्य काम जमीन के अंदर ही होगा। ऐसे में अक्टूबर में ही काम में तेजी आएगी।

ऐसे पड़ेगा असर
-2027 तक मेट्रो की ओरेंज व ब्लू लाइन का काम पूरा करना है।

-ओरेंज लाइन में पहली चरण के 3 व दूसरे चरण के 8 स्टेशनों और ब्लू लाइन के 12 स्टेशनों पर काम करने टेस्टिंग की जा रही है।

-प्लेटफार्म नंबर 6 की ओर इरानी डेरे का बड़ा हिस्सा खाली किया है। खाई खोदकर यहीं से मशीन को जमीन में उतारना है।

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-ओरेंज लाइन के दूसरे चरण के तहत भोपाल स्टेशन से कई जगह रास्ता रोका हुआ है।
-ओरेंज व ब्लू लाइन का क्रॉसिंग पुलबोगदा पर होगा। यहां जंक्शन बनाने पुल पर ट्रैफिक रोका है।

हमारा काम चालू है, लेकिन बारिश से प्रभाव पड़ेगा। जो दिक्कतें है, उन्हें ध्यान में रखते हुए ठेकेदार को काम करने का कहा है। जितना काम हो पाएगा, करेंगे। – एस कृष्णा चैतन्य, एमडी मेट्रो रेल