MP बोर्ड 10वीं-12वीं: नकल रोकने के लिए ईमानदारी की पेटी, CCTV और ऐप से होगी सख्त निगरानी

भोपाल
 मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने जा रही है. इस परीक्षा में बच्चों के ज्ञान के साथ नैतिकता की भी परीक्षा होगी. एमपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए बच्चों की नैतिकता की कसौटी कसेगा. इसके लिए सभी परीक्षा केन्द्रों के बाद इस बार ईमानदारी की पेटी भी रखी जाएगी, ताकि नकल करने के इरादे से परीक्षा हॉल में पहुंचने वाले बच्चे पहले ही नकल सामग्री को इस पेटी में डालें और पूरी ईमानदारी से परीक्षा में शामिल हों. उधर एमपी बोर्ड परीक्षा में नकल और गड़बड़ियों को रोकने कई तैयारियां की हैं.

बच्चे ईमानदारी से दें परीक्षा

माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश कुमा वैद्य कहते हैं कि "हमारी कोशिश है कि पूरी परीक्षा पारदर्शी हो. इसके लिए कई तरह के काम किए जा रहे हैं. इसमें स्टूडेंट्स को नैतिकता की कसौटी पर कसने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों के बाहर इस बार एक बॉक्स लगाया जा रहा है. इसका नाम ईनामदारी की पेटी रखा गया है. इसका उद्देश्य है कि यदि कोई बच्चा कोई नकल सामग्री लेकर पहुंचा है, तो वह परीक्षा शुरू होने के पहले ही इस बॉक्स में उसे डाल दे और अपनी पूरी मेहनत से परीक्षा दे.

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एडमिट कार्ड पर होगा क्यूआर कोड

इस बार स्टूडेंट्स के प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड की भी व्यवस्था की गई है. प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) को स्कैन करते ही स्टूडेंट्स से जुड़ी पूरी जानकारी पलक झपकते ही सामने आ जाएगी. इससे बच्चे की पुष्टि करना आसान होगा. पेपर लीक जैसे घटनाओं को रोकने के लिए इस बार प्रश्न पत्रों को थाने से उठाने से लेकर परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने तक की हर बंडल की लोकेशन ट्रेस होगी.

इसके लिए एक एप तैयार किया गया है. इसमें प्रश्न पत्र उठाने और केन्द्र पर सौंपने के दौरान संबंधित व्यक्तियों को एप पर सेल्फी अपलोड करनी होगी. हर प्रश्न पत्र का पैकेट नंबर एप पर दर्ज करना होगा. इसके बाद प्रश्न पत्र को खोलने से लेकर इसके वितरण और परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपी के बंडल बनने और मूल्यांकन केन्द्र तक जाने तक की एंट्री इस एप के माध्यम से ही होगी."

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कैमरों से होगी लाइव निगरानी

उधर एमपी बोर्ड ने प्रदेश भोपाल, इंदौर, देवास, सागर, दमोह, रीवा, भिंड मुरैना, ग्वालियर जैसे 9 जिलों के 226 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की सूची में रखा है. इन केन्द्रों में पूर्व में नकल के मामले सामने आ चुके हैं. इसको देखते हुए इन सभी केन्द्रों पर इस बार करीबन 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों के जरिए परीक्षा की लाइव स्थिति को एमपी बोर्ड मुख्यालय में देखा जा सकेगा.

इसके लिए कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया है. प्रदेश में परीक्षा के लिए 3856 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जहां करीबन 16 लाख बच्चे परीक्षा देंगे. इन परीक्षा केन्द्रों में 448 संवेदनशील केन्द्र भी चिन्हित किए गए हैं. इन परीक्षा केन्द्रों पर विशेष निगरानी रहेगी.

सिर्फ कलेक्टर प्रतिनिधि के पास होगा मोबाइल

एमपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान कोई भी टीचर अपने साथ मोबाइल नहीं रख सकेगा. एमपी बोर्ड ने इसके लिए सभी जिलों में निर्देश जारी कर दिए हैं. सिर्फ कलेक्टर प्रतिनिधि ही अपने साथ मोबाइल रख सकेंगे. परीक्षा शुरू होने के पहले सभी ड्यूटी टीचर को अपने मोबाइल ऑफिस में जमा कराने होंगे.

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