लोहारीडीह केस में MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मृतक का होगा रिपोस्टमार्टम, सरकार को सहयोग करने के निर्देश

जबलपुर
 छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह में संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने मृतक शिवप्रसाद साहू की बेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए रिपोस्टमार्टम की अनुमति दी है। साथ ही अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार को सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की डबल बैंच में हुई।

दरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को मध्यप्रदेश के जूरिडिक्शन में केस फाइल करने की छूट दी थी। याचिकाकर्ता ने रिपोस्टमार्टम की मांग को लेकर एमपी की जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताते हुए कब्र खोदकर शव को निकालने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। इससे पहले इस मामले को सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के निर्णय को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में याचिका दायर की गई थी।

ये है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह में एक सप्ताह के अंदर 3 लोगों की अलग-अलग वजह से जान चली गई। 14 सितंबर की दरमियानी रात शिवप्रसाद साहू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र में पेड़ से लटकती मिली थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की जलने से मौत हो गई। वहीं इस मामले में पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के शक में गिरफ्तार किया था।

See also  मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री कैप्टन जयपाल सिंह का निधन, लंबे समय से थे बीमार

इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई थी। मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है। इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को निलंबित किया। वहीं रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया। इसके अलावा कबीरधाम एसपी और कलेक्टर पर भी गाज गिरी। दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया।

SIT कर रही जांच

लोहारीडीह मामले की जांच को लेकर एसआईटी का गठन किया गया है। जिले के एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम मामले की जांच कर रही है। इस मामले में छत्तीसगढ़ और मध्‍य प्रदेश की पुलिस भी जांच कर रही है। मध्‍य प्रदेश की पुलिस इस मामले में इसलिए जुड़ गई है, क्‍योंकि शिवप्रसाद साहू की लाश एणपी की सीमा पर मिली थी। जिसके चलते मध्‍य प्रदेश की हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है।

See also  BJP की जिला कार्यकारिणी घोषित, सिंधिया समर्थकों का दबदबा, बागियों को बाहर का रास्ता