अकलतरा में मुक्तिधाम जाना हुआ दूभर, कीचड़ और दलदल से भरा पूरा मार्ग, शिकायत के बाद भी नहीं ले रहे सुध

अकलतरा के ग्राम पंचायत पीपरसत्ती से सामने आई तस्वीरें विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। यहां सतनामी समाज के मुक्तिधाम तक पहुंचने वाला रास्ता बारिश के मौसम में कीचड़, दलदल और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गया है।
हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को अपने परिजनों की अंतिम यात्रा में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

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शव को मुक्तिधाम तक ले जाने के दौरान ग्रामीणों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ता है। जगह-जगह बने गड्ढे और दलदली रास्ता अंतिम यात्रा को भी मुश्किल बना देता है। इसी बदहाल व्यवस्था का वीडियो और तस्वीरें क्रांतिकारी सामाजिक कार्यकर्ता ब्रिजेश राय ने सोशल मीडिया पर साझा कर जनहित का मुद्दा उठाया है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह ग्रामीण शव को लेकर इस खराब रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।

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ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांवों में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो क्या मुक्तिधाम तक एक सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध कराना भी जिम्मेदारों की प्राथमिकता नहीं है? ग्रामीणों और सतनामी समाज ने शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तत्काल स्थल निरीक्षण कर मुक्तिधाम पहुंच मार्ग के स्थायी सुधार की मांग की है।

 

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ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ बारिश के समय मिट्टी या मुरुम डालकर खानापूर्ति नहीं, बल्कि पक्की और स्थायी सड़क का निर्माण जरूरी है। क्योंकि मुक्तिधाम तक सम्मानजनक पहुंच का रास्ता कोई सुविधा नहीं, बल्कि हर इंसान की अंतिम विदाई से जुड़ी मूलभूत जरूरत है। अब सवाल यही है—पीपरसत्ती के इस बदहाल मुक्तिधाम मार्ग की तस्वीर कब बदलेगी और जिम्मेदारों की नजर आखिर कब पड़ेगी?

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