नीला ड्रम मामले के आरोपी मुस्कान और साहिल को सजा-ए-मौत, रोते दिखे दोनों आरोपी, परिजनों ने कहा मिला बेटे को न्याय

मेरठ का चर्चित नीला ड्रम केस मामले में कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को सजा-ए-मौत दी है। पेशी के दौरान जिला जज ने दोनों आरोपियों से बातचीत की और सजा को लेकर उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। दोषी ठहराए जाने के बाद से ही दोनों चुप रहने लगे थे।

बुधवार को सुबह 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुस्कान और साहिल को अदालत के सामने पेश किया गया। जिला जज ने साहिल से पूछा कि क्या उसने पहले भी कोई अपराध किया है? इस पर साहिल ने इनकार कर दिया। अदालत ने जब सजा को लेकर उसका पक्ष जानना चाहा, तो उसने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने दोनों को मौत की सजा सुनाई।

 

सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने कहा, “हमें बहुत अच्छा लग रहा है। हमें बहुत संतुष्टि मिल रही है कि उन दोनों को मौत की सज़ा सुनाई गई है। हमें इंसाफ मिल गया है। हम अपने वकीलों, सहयोगियों और स्टाफ के बहुत आभारी हैं और उनके ऋणी रहेंगे

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बेटी का हवाला देकर नरमी बरतने की अपील

जिला जज की अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के वकीलों ने अदालत में अपनी-अपनी दलीलें रखीं। अभियोजन पक्ष ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा देने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने मुस्कान की मासूम बेटी का हवाला देकर सजा में नरमी बरतने की अपील की।

अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और क्रूरता का हवाला देते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की। दलील दी गई कि इस तरह के जघन्य अपराध में सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए। वहीं, बचाव पक्ष के वकीलों ने मुस्कान की छोटी बेटी के भविष्य का हवाला देते हुए अदालत से राहत देने की गुहार लगाई। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि दोनों का यह पहला अपराध है और जेल में रहने के दौरान उनके व्यवहार में बदलाव आया है। इसी आधार पर सजा में नरमी बरतने की मांग की गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।

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क्या था नील ड्रम कांड

ब्रह्मपुरी में 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी थी। आरोप के मुताबिक, मुस्कान ने खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर पति को बेहोश कर दिया। इसके बाद उसके सीने में चाकू घोंपकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिए और सीमेंट से सील कर दिया। इसके बाद 4 मार्च को मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश फरार हो गए थे। 18 मार्च को दोनों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद ड्रम से सौरभ का शव बरामद हुआ था। इस मामले में मेरठ की जिला जज अदालत में सुनवाई चल रही थी। 30 सितंबर को अदालत ने सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया था।

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