‘नाम दरोगा, काम लुटेरे जैसा’—राजभर के निशाने पर सपा और अखिलेश

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया के जरिए तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने लालगंज से सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेते हुए सपा पर गरीबों, पिछड़ों और दलितों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि आए दिन अपराध की घटनाओं में सपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं और पार्टी नेतृत्व इस पर चुप्पी साधे रहता है।

'गरीबों, पिछड़ों और दलितों को सताने में मजा आता है क्या?'
अपने पोस्ट की शुरुआत में राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'अखिलेश भैया, सुबह की राम-राम। एक बात बताइए, क्या आपकी पार्टी के लोगों को गरीबों, पिछड़ों और दलितों को सताने में मजा आता है?' उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग हर दिन कहीं न कहीं अपराध की घटनाएं सामने आती हैं और जांच के दौरान उनमें सपा से जुड़े लोगों का नाम सामने आता है।

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राजभर ने सवाल उठाया कि हत्या, हुड़दंग, चोरी और छिनैती जैसी घटनाओं में बार-बार सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम क्यों सामने आते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि यह राजनीतिक पार्टी है या फिर कोई गैंग।

सपा सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का लिया नाम
अपने पोस्ट में राजभर ने आजमगढ़ के लालगंज से समाजवादी पार्टी के सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि नाम भले 'दरोगा' हो, लेकिन काम 'लुटेरे' जैसा किया जा रहा है।

राजभर ने दावा किया कि सांसद पर गरीब, पिछड़े और दलितों के साथ बदसलूकी करने और जमीन कब्जाने जैसे आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने लिखा कि अगर उनकी बात पर भरोसा न हो तो अखिलेश यादव अपने भाई धर्मेंद्र यादव से इस बारे में पूछ सकते हैं।

दलित महिला की जमीन कब्जाने का लगाया आरोप
राजभर ने अपने पोस्ट में आजमगढ़ के मोहनपुर पटवास गांव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां की एक दलित महिला गीता सरोज की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस काम के लिए सांसद के बेटे और पोते को लगाया गया है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि गाली-गलौज, धमकी और दबाव बनाकर जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। राजभर ने यह भी दावा किया कि करीब 50 बीघा जमीन और तालाब पर कब्जा कर वहां स्विमिंग पूल वाला फार्म हाउस बनाया गया है।

'करंट वाला तार लगाकर घेर दिया'
पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि कब्जे वाली जमीन के चारों तरफ करंट वाला तार भी लगाया गया है, ताकि वहां कोई न जा सके। उन्होंने इसे समाजवादी सोच नहीं बल्कि सामंती मानसिकता का उदाहरण बताया।

'मजबूत विपक्ष बनना है तो ऐसे लोगों पर लगाम लगाइए'
पोस्ट के आखिर में राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए लिखा कि वह चाहते हैं कि अगली सरकार में प्रदेश को एक मजबूत विपक्ष मिले। इसके लिए समाजवादी पार्टी को खुद में सुधार करना होगा।

उन्होंने कहा कि अगर सपा को मजबूत विपक्ष की भूमिका निभानी है तो दरोगा प्रसाद सरोज जैसे नेताओं पर नियंत्रण रखना होगा, नहीं तो पार्टी नेता प्रतिपक्ष का पद भी गंवा सकती है।

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गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर पिछले कुछ समय से लगातार सोशल मीडिया के जरिए सपा और अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। इससे पहले वह परिवारवाद, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, जातीय हिंसा और PDA जैसे मुद्दों को लेकर भी सपा नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं।