नेतन्याहू ने गाजा में भुखमरी के दावों को बताया प्रोपेगैंडा, हड्डियों का ढांचा बने बच्चों की तस्वीरों पर प्रतिक्रिया

तेल अवीव

हमास के झूठ पर आंखें खोलें… इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को जब मीडिया से मुखातिब हुए. तब उन्होंने प्रेस के सामने हमास के झूठ की पोल खोलने का दावा किया. इधर गाजा भूख से बिलख रहा है और उधर नेतन्याहू ने इसी गाजापट्टी को लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. वह बार-बार कह रहे हैं कि उनका इरादा गाजा पर पूर्ण नियंत्रण का नहीं है तो ऐसे में सवाल उठता है कि फिर आखिर उनका इरादा क्या है?

नेतन्याहू ने रविवार को इंटरनेशनल मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जितनी जल्दी हो सके, वह उतनी जल्दी गाजा में युद्ध को खत्म करना चाहते हैं. गाजा सिटी को कैप्चर करना सभी 50 इजरायली बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है. 

इस दौरान नेतन्याहू ने कहा कि उनका लक्ष्य गाजापट्टी से हमास को पूरी तरह खत्म करना है. उनका कहना है कि हमास का पूरी तरह से खात्मा किए बिना गाजा में स्थायी शांति संभव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि गाजा पर इजरायल का नियंत्रण स्थायी कब्जे के लिए नहीं है, बल्कि हमास के सैन्य ढांचे को नष्ट करने और क्षेत्र को सैन्यीकरण से मुक्त कराने के लिए है. 

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नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल का इरादा गाजा पर शासन करने या उसे अपने देश में मिलाने का नहीं है. इसके बजाय गाजा में एक नागरिक प्रशासन स्थापित किया जाएगा जो ना तो इजरायल के लिए खतरा और क्षेत्र में शांति बनाए रखे.

नेतन्याहू ने कहा कि गाजा को किसी ऐसी अस्थायी सरकार को सौंपा जाएगा. जो ना तो हमास हो और न ही इजरायल के लिए खतरा पैदा करने वाला कोई संगठन हो. उन्होंने गाजा में बंधकों की रिहाई को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हमास के साथ युद्ध और बंधकों की रिहाई के लक्ष्य आपस में जुड़े हुए हैं. हालांकि, बंधकों के परिवारों और कुछ आलोचकों का कहना है कि गाजा पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण की उनकी योजना बंधकों की जान को खतरे में डाल सकती है.

इससे पहले इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने नेतन्याहू की योजना को मंजूरी दी, जिसमें गाजा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण स्थापित करना शामिल है. इसका उद्देश्य हमास के बचे हुए ठिकानों को खत्म करना और क्षेत्र में इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

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गाजा युद्ध खत्म करने के 5 तरीके
– हमास अपने हथियार डाल दे
– सभी इजरायली बंधकों को रिहा किया जाए
– गाजा का विसैन्यीकरण हो
– गाजा में इजरायल का सैन्य प्रभुत्व
– गाजा में ऐसी व्यवस्था तैयार करना, जो ना तो हमास के नियंत्रण में हो और ना हो फिलीस्तीनी प्राधिकरण के

इजरायली पीएम नेतन्याहू ने बताया कि गाजापट्टी में हमास के अभी भी दो गढ़ बचे हुए हैं, जो गाजा सिटी और सेंट्रल कैंप्स ऑफ मोआसी हैं. नेतन्याहू ने कहा कि हमास को पूरी तरह खत्म करना इजरायल की सुरक्षा के लिए आवश्यक है और इसके बिना कोई समाधान टिकाऊ नहीं होगा. गाजा में भुखमरी और मानवीय संकट के सवालों पर नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज करने की कोशिश की.

उन्होंने कहा कि मीडिया में भूख से बिलखते बच्चों की जो तस्वीरें गाजा की बताकर शेयर की जा रही है. दरअसल वो प्रोपेगैंडा है. ये तस्वीरें गाजा की नहीं हैं. उन्होंने बकायदा प्रेजेंटेशन के साथ इंटरनेशनल मीडिया में छप रही इन बच्चों की तस्वीरों का ब्योरा दिया और दावा किया कि इन्हें गाजा का बताकर इजरायल को बदनाम किया जा रहा है. 

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बता दें कि नेतन्याहू ने यूरोपीय देशों और संयुक्त राष्ट्र की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि इजरायल एक लोकतांत्रिक देश है जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करता है और उनकी कार्रवाइयां आतंकवाद के खिलाफ हैं.जर्मनी, फ्रांस, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों ने गाजा पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण की योजना की आलोचना की है. संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने इस मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की है.