पुलिस आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता नहीं: मुख्यमंत्री

पुलिस आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता नहीं: मुख्यमंत्री

प्रतिष्ठित संस्थानों से करायें थर्ड पार्टी ऑडिट

रिक्त पदों को मेरिट के आधार पर भरा जाए
लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की समीक्षा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल को मजबूत करने के लिए बेहतर आवासीय एवं कार्य सुविधाएं आवश्यक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस लाइन, थाना, बैरक, अग्निशमन केंद्र और अन्य निर्माण कार्य गुणवत्ता तथा समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा जरूरी है और निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों से कोई समझौता न हो।

बैठक में बताया गया कि पुलिस आवास निगम वर्तमान में प्रदेश के 75 जनपदों में कार्य कर रहा है और इसकी छह निर्माण इकाइयों के माध्यम से कुल 233 निर्माण कार्य संचालित हैं। इनमें से 221 कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर हैं।

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बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 से 20 मई 2026 तक कुल 1586 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिनकी लागत लगभग 1104 करोड़ रुपये रही। इनमें बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, थाना भवन, अग्निशमन केंद्र, पुलिस चौकी, जीआरपी बैरक, एटीएस फील्ड यूनिट तथा महाकुंभ-2025 से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। थानों में महिला प्रसाधन जैसी सुविधाओं का भी विकास कराया गया है।

बैठक में बताया गया कि निगम लगातार लाभ की स्थिति में है। वर्ष 2025-26 में अब तक 11.14 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया गया है। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी जांच, सामग्री परीक्षण और मोबाइल ऐप आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनीटरिंग की जाए। आवश्यकतानुसार तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाए तथा अतिरिक्त मैनपॉवर भी लगाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का समय-समय पर प्रतिष्ठित संस्थानों से थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जाए।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और पुलिस बल की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, सुरक्षित एवं उपयोगी अधोसंरचना विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रिक्त पदों को मेरिट के आधार पर भरा जाए।