जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की है

इंदौर

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के एक दिन पहले रविवार को दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में अनोखा आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में कन्हैया बने बच्चे यशोदा बनी मां के साथ पहुंचे थे। उत्साह ऐसा था कि भारी वर्षा के बावजूद पंडाल में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। तेज वर्षा के बीच मुख्यमंत्री ने कान्हाओं पर पुष्पवर्षा की। वहीं उन्होंने हर एक विकासखंड के एक गांव को बरसाना बनाने की घोषणा भी की।

हर घर कन्हैया-हर मां यशोदा थीम पर आयोजित हुए इस कार्यक्रम के लिए सुबह 9.30 बजे से ही बसों से शिक्षकों की निगरानी में बच्चों और माताओं का दशहरा मैदान पहुंचना शुरू हो गया था। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा बसों की व्यवस्था की गई। 100 व्यायाम शिक्षकों सहित अन्य विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।

कार्यक्रम स्थल को भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं से चित्रित और सजाया गया था। मंच के एक ओर कृष्ण भक्तियुक्त भजन सुनाए जा रहे थे, जिन पर महिलाएं नृत्य कर रही थीं। करीब 11.40 बजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंच पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पंडाल में बने रेंप से सभी दूर जाकर बच्चों पर पुष्पवर्षा की। सभी बच्चों को माखन खिलाया गया। पंडाल में मटकी फोड़ आयोजन भी हुआ। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद थे।

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श्रीकृष्ण ने प्रकृति से प्रेम करना सिखाया है
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से हमें सीख लेनी चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण कोमलता, धैर्य, करूणा और प्रेम की प्रतिमूर्ति हैं। वे मानव जाति की रक्षा के प्रतीक भी हैं। श्रीकृष्ण ने प्रकृति से प्रेम करना सिखाया है। ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा दिया है।

माखन, दूध, दही को स्वास्थ्य रक्षक के रूप में प्रतिष्ठित किया है। इस आयोजन की तरह अब हर तीज, त्योहार और पर्व हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान डा. यादव ने गोविंदा आला रे आला, जरा मटकी संभाल बृजबाला भजन भी सुनाया। इसके बाद हाथी घोड़ा पालकी-जय कन्हैया लाल की पर जयकारे भी लगाए। कार्यक्रम में प्रसिद्ध बांसुरी वादक बल्लू ने बांसुरी वादन कर पूरे पंडाल का दिल जीत लिया।

भगवान को भेंट की बांसुरी
गीता भवन पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन कर्म प्रधान रहा है। उन्होंने अलग-अलग लीलाओं के माध्यम से कर्म की प्रधानता को रखा है। इंदौर में हर घर कृष्ण हर मां यशोदा की पहल अनूठी है। सबसे पहले उन्होंने गीता भवन में कृष्ण पूजन किया। फिर बांसुरी भेंट की। गीता भवन ट्रस्ट की ओर से उन्हें भगवान राधा-कृष्ण की मूर्तियां भेंटकर स्वागत किया गया।

See also  रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और 'डिजिटल फर्जीवाड़े' का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी 'अंधेरगर्दी': लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: "राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल" पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'डिजिटल सेंधमारी' को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

भाव, सौंदर्य और समुच्चय विषय पर विजयदत्त श्रीधर और श्रीकृष्ण समग्रता की प्रतिमूर्ति विषय पर प्रभुदयाल मिश्रा ने संबोधित किया। गीता भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष राम एरन, मंत्री रामविलास राठी उपस्थित थे।

बोतल लेने के लगी होड़, हादसा टला
कार्यक्रम के दौरान पांडाल में अचानक कुछ कर्मचारियों द्वारा बच्चों को प्लास्टिक की बोतले बांटना शुरू की गई। जिसके बाद यहां भीड़ लग गई। बच्चे और महिलाएं कीचड़ में खड़े होकर बोलते के लिए भीड़ लगाना शुरू कर दी।

इसी दौरान यहां पांडाल को सहारा देने के लिए लगा लोहे का पाइप एक ओर झुकने लगा। एनवक्त पर यहां व्यायाम शिक्षक अनुराग तिवारी पहुंचे और भीड़ को हटाया। इसके बाद कर्मचारी ने पाइप को ठीक किया। पाइप गिरने पर कई लोग घायल हो सकते थे।