‘दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप्स इकोसिस्टम के हीरो हैं हमारे युवा…’ पीएम मोदी का मन की बात में बयान

नई दिल्ली

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. यह 2026 में पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का पहला एपिसोड है. देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग बेहद इनोवेटिव हैं और समस्याओं का समाधान खुद ढूंढ लेते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थानीय लोगों द्वारा की गई पर्यावरण संरक्षण की सफल पहलों का जिक्र कर जन-भागीदारी की ताकत पर जोर दिया.

पीएम मोदी ने तमसा नदी के पुनरुद्धार की कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली तमसा नदी कभी स्थानीय लोगों के जीवन की धुरी थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसकी धारा रुक गई थी. लेकिन, आजमगढ़ के लोगों ने एकजुट होकर नदी की सफाई अभियान चलाया, किनारों पर पेड़ लगाए और नदी को नया जीवन दिया. इसी तरह, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में लंबे समय से सूखे की समस्या थी. यहां 'अनंत निरु संकल्प प्रोजेक्ट' के तहत स्थानीय लोगों ने करीब 10 जलाशयों को साफ किया और पुनर्जीवित किया.

See also  San Francisco: खालिस्तानी समर्थकों की कायराना हरकत, सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में लगाई आग

पीएम मोदी ने कहा कि इससे न केवल जल संरक्षण हुआ, बल्कि ग्रीन कवर भी बढ़ा और पूरा इकोसिस्टम निखर उठा. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आजमगढ़ हो या अनंतपुर, ये देखकर खुशी होती है कि लोग एकजुट होकर संकल्प लेते हैं. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने जोर दिया कि ऐसी छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव लाती हैं और पर्यावरण संरक्षण में जन-भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं. दुनिया भर में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं. देश के लोग जहां भी हैं, वे अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर रहे हैं और उसे आगे बढ़ा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं. इन स्कूलों में तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ ही अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है. इसके अलावा, यहां तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी बहुत फोकस रहता है.

See also  राजस्थान-जोधपुर में बीएसएफ की हुई भव्य परेड, 567 नव-आरक्षकों ने ली देश सेवा की शपथ

 'स्टार्टअप इंडिया' के हीरो हमारे युवा साथी हैं: पीएम मोदी

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की प्रशंसा भी की. 'स्टार्टअप इंडिया' के 10 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप इकोसिस्टम' बन चुका है. 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दस साल पहले जनवरी 2016 में हमने एक महत्वपूर्ण सफर शुरू किया. तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही ये एक छोटा क्यों ना हो, लेकिन ये युवा पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है. यह 'स्टार्टअप इंडिया' की यात्रा है और इस अद्भुत यात्रा के 'हीरो' हमारे युवा साथी हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप्स इकोसिस्टम' बना. ये 'स्टार्टअप्स इकोसिस्टम' लीक से हटकर हैं. वे ऐसे सेक्टर में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करते हुए दिखेगा.

See also  NEET परीक्षा के लिए रेलवे की सौगात, चूरू-जयपुर स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सेल्यूट करता हूं, जो किसी-न-किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं. पीएम मोदी ने 'मन की बात' के माध्यम से देशवासियों, खासकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है.

भारत पर दुनिया की नजरें हैं. ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है. वह जिम्मेदारी है गुणवत्ता पर जोर देने की. इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें. उन्होंने आगे कहा कि हम सबका एक ही मंत्र हो, 'गुणवत्ता, गुणवत्ता और सिर्फ गुणवत्ता. हम जो भी उत्पादन कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें. हमारे टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स, यहां तक ​​कि पैकेजिंग भी, भारतीय उत्पाद का मतलब 'उच्च गुणवत्ता' होना चाहिए.