पीएम मोदी करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण, उत्तर भारत को नई उड़ान देगा यूपी

पीएम मोदी करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण, उत्तर भारत को नई उड़ान देगा यूपी

कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और मेंटिनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास भी करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

जेवर बनेगा देश का एविएशन हब, यूपी होगा 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला पहला राज्य

यूपी, एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगा बूस्ट

रोजगार, निर्यात और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, अधिक सुगम होगा हवाई यातायात

जेवर/लखनऊ
 देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लोकार्पण के लिए तैयार है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके फेज-1 का लोकार्पण करने के साथ ही एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे और मेंटिनेंस, रिपेयर एवं ओवरहालिंग (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे, जिनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ी है। यह परियोजना न केवल यूपी, एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

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प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारत सरकार से मई 2018 में सैद्धान्तिक मंजूरी मिली थी। यह परियोजना चार चरणों में विकसित की जा रही है, जिस पर कुल 29,560 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एयरपोर्ट को आधुनिक, डिजिटल और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के साथ विकसित किया जा रहा है। पीएम मोदी द्वारा जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किए जाने के साथ ही उत्तर प्रदेश 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।

1.2 करोड़ यात्रियों की होगी क्षमता
फेज-1 में एयरपोर्ट के विकास में कंसेशनायर द्वारा 6,876 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण पर 4,406 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। इस तरह फेज-1 की कुल लागत लगभग 11,282 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें 12 मिलियन (1.2 करोड़) पैसेंजर प्रति वर्ष की प्रारंभिक क्षमता विकसित की गई है।

मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से मिलेगा बड़ा फायदा
यह एयरपोर्ट देश का एक अत्याधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब होगा, जहां सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय ट्रांजिट सिस्टम का सहज एकीकरण किया गया है।
इससे यात्रियों और कार्गो परिवहन दोनों के लिए समय और लागत में भारी कमी आएगी।

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कार्गो हब व एमआरओ से मिलेगा इंडस्ट्री को बूस्ट
प्रधानमंत्री मोदी एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और एमआरओ सुविधा का भी शिलान्यास करेंगे। एयरपोर्ट पर विकसित मल्टी-मोडल कार्गो हब की शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना होगी, जिसे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकेगा। साथ ही, 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली एमआरओ सुविधा से विमानों का मेंटिनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग देश में ही संभव होगी। इससे एविएशन सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

औद्योगिक व सर्विस सेक्टर का बनेगा नया केंद्र
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट आसपास के औद्योगिक सेक्टरों को नई गति देगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, हवाई यातायात अधिक सुगम होगा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। इस तरह यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देने वाला साबित होगा।

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इस अवसर पर भारत सरकार के नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत अन्य मंत्री एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित होंगे।