लखनऊ में बिजली संकट गहराया, 10 लाख लोग 15 दिन तक होंगे परेशान

लखनऊ

भीषण गर्मी में घंटों बिजली कटौती से शहर में हाहाकार मचा है। मंगलवार को दक्षिण के जिन सब स्टेशनों पर लोगों ने हंगामा किया था, बुधवार को भी वहां लोग आक्रोशित होकर सड़कों पर नारेबाजी करते नजर आए। इन लोगों के लिए बुरी खबर यह है कि अभी दक्षिण के नौ सब स्टेशनों से जुड़े 10 लाख उपभोक्ताओं को 15 दिन बिजली और रुलाएगी।

ऐसा इसलिए है क्योंकि सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (यूपीपीटीएल) के किदवईनगर स्थित ट्रांसमिशन उपकेंद्र की दो केबल काट दी हैं। पनकी पावर हाउस से आईं ये केबल क्षतिग्रस्त होने से उपकेंद्र बैठ गया और इससे जुड़े नौ सब स्टेशन पूरी ठप हो गए। इस कारण लोग भीषण गर्मी में बेहाल हो रहे हैं। यूपीपीटीएल गुरुवार से मरम्मत कार्य शुरू कराएगा जिसमें 15 दिन का समय लगेगा। इस लापरवाही पर क्षतिपूर्ति व केस दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।

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यूपीपीटीएल का किदवईनगर में 220/33 केवी जीआईएस ट्रांसमिशन उपकेंद्र है जहां से पनकी पावर हाउस से 220 केवी की लाइनें डालकर बिजली पहुंचाई जाती है। इस उपकेंद्र से दक्षिण के नौ सबस्टेशन जुड़े हैं। तीन मई की सुबह सीयूजीएल किदवईनगर में पाइप लाइन डलवाने के लिए खोदाई करा रहा था। इस दौरान लापरवाही से खोदाई करते हुए पनकी पावर हाउस से इस उपकेंद्र में आई 220 केवी की एक-एक हजार एमएम की दो कॉपर केबल काट दीं।

इससे उपकेंद्र बैठ गया और इससे जुड़े सबस्टेशनों की आपूर्ति ठप हो गई। पनकी पावर हाउस से इस उपकेंद्र में आने वाली एक्सएलपी केबल से आपूर्ति बंद कराई गई। इसके बाद खोदाई शुरू करा क्षतिग्रस्त केबल का वर्क ऑर्डर तैयार हुआ। फिर टेंडर प्रक्रिया कर मटेरियल मंगाया गया। अब गुरुवार से काम शुरू कराया जाएगा।

वैकल्पिक स्रोत से दी जा रही बिजली
किदवईनगर ट्रांसमिशन उपकेंद्र के ब्रेकडाउन होने पर इससे जुड़े उपकेंद्रों को नौबस्ता सहित अन्य उपकेंद्रों से जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। भीषण गर्मी की वजह से बिजली की मांग में वृद्धि हुई है। इससे वैकल्पिक स्रोतों पर लोड बढ़ने लगा जिससे रोस्टिंग शुरू की गई। स्थिति यह है कि रोस्टिंग के बाद जब सब स्टेशन पर बिजली आपूर्ति शुरू की जा रही है तो कमजोर जॉइंट वाली एबीसी केबल में आग लग रही है। इससे भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
 
ये सबस्टेशन हैं प्रभावित
ई-ब्लॉक गुजैनी, विद्युत कॉलोनी, विश्व बैंक बर्रा, पराग डेयरी, दबौली, हंसपुरम, मंडी परिषद, कर्रही और तात्याटोपेनगर। ये वहीं सबस्टेशन हैं जहां पिछले पांच दिन से बिजली को लेकर हाहाकार मचा है। एक सबस्टेशन से करीब 20 हजार तक कनेक्शन हैं। एक परिवार में अमूमन पांच से छह लोग होते हैं, इस हिसाब से करीब दस लाख उपभोक्ता प्रभावित हैं।

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 केस्को ने की सहयोग की अपील
केस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने कहा है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। क्षतिग्रस्त भूमिगत केबल की मरम्मत कार्य संबंधित इकाई शुरू करा रही है। बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए तकनीकी वर्टिकल में दो अतिरिक्त अधिशासी अभियंताओं की तैनाती की गई है। पीक ऑवर्स में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपकेंद्रों पर अतिरिक्त अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ता सहयोग दें।

 किदवईनगर जीआईएस ट्रांसमिशन उपकेंद्र के केबल बनाने का मटेरियल एकत्र करने में समय लगता है। उसके बाद एक सप्ताह टेंडर प्रक्रिया में लगते हैं। अब मटेरियल एकत्र हो गया है और गुरुवार से काम शुरू होगा। इसमें 10 से 15 दिन लग सकते हैं। केबल क्षतिग्रस्त करने पर सीयूजीएल के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र दिया है। क्षति का आकलन किया जा रहा है। – शैलेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, यूपीपीटीएल

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