जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लिया हिरासत में, कई सार्वजनिक हस्तियां शामिल हुईं

जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में लिया। आयोजकों ने यह जानकारी दी है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन की मंजूरी नहीं मांगी थी। अधिकारी ने कहा ‘प्रदर्शन को लेकर कोई अर्जी दायर नहीं की गई थी और न ही कोई मंजूदी दी गई थी। इस वजह से उन्हें हटाया गया।’ आयोजकों ने बताया कि सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

 

यह प्रदर्शन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की दिल्ली यूनिट और अन्य सिविल सोसाइटी मेंबर्स द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान प्रदर्शकारियों ने ‘ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के कामकबाज में गड़बड़ी पर भी आक्रोश जाहिर किया। आयोजकों ने बताया कि आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, राजद सासंद मनोज झा, भट्टाचार्य, सीनियर वकील प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज और नंदिता नारायण सहित कई सार्वजनिक हस्तियां विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।

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हिरासत में लिए जाने के बाद एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने कहा कि ‘अपराधियों को पकड़ने की बजाय वोट चोरों को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस ने हम सब को हिरासत में ले लिया है – दीपांकर भट्टाचार्य, अंजली भारद्वाज और नेहा बोरा सहित मुझे और अनेक युवा साथियों को दिल्ली कैंट के करीब कहीं ले जा रहे हैं, अभी बताया नहीं किस थाने में।’

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आपको बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन एक मीडिया रिपोर्ट में तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के भीतर गंभीर आंतरिक मतभेदों की बात सामने आने के बाद किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनाव आयुक्त चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ‘विशेष गहन पुरीक्षण’ (एसआईआर) को लेकर पिछले 10 महीनों में वोटर रजिस्ट्रेशन, नामों को हटाने और वोटर लिस्ट डेटा मैनेजमेंट से जुड़े फैसलों पर करीब 14 बार औपचारिक तौर पर आपत्तियां दर्ज करवाई थीं।

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सीजेपी ने भी दिया हुआ है अल्टीमेटम

वोटर लिस्ट डेटा मैनेजमेंट और एसआईआर को लेकर विपक्षी दल और अन्य संगठन निर्वाचन आयोग के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। सीजेपी की ओर से कहा गया है कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे तो 2 अक्टूबर से मुंबई से राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन शुरू करेंगे। सीजेपी ने कहा है कि मांग पूरी नहीं होने पर वह ‘जंतर-मंतर 2.0’ आंदोलन शुरू करेंगे।

 

 

सीजेपी ने भाजपा ज्वाइन करने तक के लिए कह डाला

सीजेपी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के लिए काम कर रहे हैं और उन्हें भाजपा ज्वाइन कर लेनी चाहिए। सीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद भाजपा कई राज्यों में वोट शेयर बढ़ा है।

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