13 अप्रैल से शुरू हो रहा राज पंचक, जानें तिथि और महत्व

13 अप्रैल से राज पंचक की शुरुआत हो रही है, जो अपने साथ सुख-समृद्धि और सफलता के योग लेकर आ रहा है. हालांकि, इसकी शुभता बनाए रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है. जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है, तो उस अवधि को पंचक कहा जाता है. चूंकि इस बार पंचक सोमवार 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे राज पंचक का नाम दिया गया है.  शास्त्रों में राज पंचक को अत्यंत लाभकारी माना गया है.  यह समय सरकारी कार्यों में सफलता, संपत्ति लाभ और करियर में उन्नति के लिए श्रेष्ठ होता है.

राज पंचक कब से कब तक
पंचांग के अनुसार, राज पंचक सोमवार, 13 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, इसका समापन शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को होगा.

भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

राज पंचक शुभ होने के बावजूद, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ कार्यों पर सख्त मनाही होती है.  इन गलतियों से आपके बनते काम बिगड़ सकते हैं.

See also  सूर्य गोचर से बनेगा गोल्डन पीरियड, मेष से कुंभ तक 6 राशियों को बड़ा लाभ

ईंधन का इकट्ठा करना: पंचक के दौरान लकड़ी, घास या अन्य ज्वलनशील सामग्री इकट्ठा करना अशुभ होता है.  माना जाता है कि इससे अग्नि का डर बना रहता है.

दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण को यम की दिशा माना जाता है.  पंचक के दौरान इस दिशा में यात्रा करने से दुर्घटना या धन हानि का खतरा रहता है.

घर की छत डालना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो इन पांच दिनों में छत (लंटर) डालने का काम रोक दें.  इससे घर में क्लेश और आर्थिक संकट आ सकता है.

बिस्तर या चारपाई बनाना: पंचक काल में नया पलंग खरीदना या चारपाई बुनना वर्जित है.  यह परिवार के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

अंतिम संस्कार के नियम: यदि इस अवधि में किसी का निधन हो जाए, तो अंतिम संस्कार विशेष विधि (कुश के पांच पुतले बनाकर) से ही करना चाहिए, वरना परिवार पर पंचक दोष लग सकता है.

See also  30 जुलाई 2026 आज का राशिफल, सावन की शुरुआत इन राशियों पर बरसेगी किस्मत, जानें किसे आज रहना होगा सावधान

राज पंचक में क्या करें?
यह समय निवेश करने, नया व्यापार शुरू करने और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सर्वोत्तम है.  राज पंचक की शुभता का लाभ उठाने के लिए भगवान शिव की आराधना करें, क्योंकि सोमवार महादेव का दिन है.