बालोतरा में बहु चर्चित नूरानी मोहल्ले में हुए जहरखुरानी मामले में कोर्ट ने महिला और उसके प्रेमी को आजीवन कैद की सजा सुनाई. बालोतरा थाने में 2020 में दर्ज मामले की जिला और सेशन कोर्ट में सुनवाई हुई. जिला न्यायाधीश एमआर सुथार ने फैसला सुनाया. महिला और उसके प्रेमी को षडयंत्र के आरोप में उम्र कैद की सजा सुनाई. कोर्ट ने दोनों पर 20-20 हजार के आर्थिक दंड भी लगाया. कोर्ट के फैसले के बाद दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया.
चाय में मिलाई थी नींद की गोलियां
नूरानी मोहल्ला कॉलोनी निवासी रुखसाना का अपने घर के पास स्थित फैक्ट्री में काम करने वाले शाहरुख पुत्र यासीन खां (निवासी मूंगड़ा रोड, बालोतरा) से प्रेम संबंध हो गया था. परिवार की मौजूदगी के कारण दोनों को मिलने का अवसर नहीं मिल पा रहा था. ऐसे में दोनों ने पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
चाय पीते ही बिगड़ गई सभी तबीयत
योजना के तहत रुखसाना ने रात के भोजन के बाद सास, जेठ और अन्य परिजनों को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी. कुछ ही देर में सभी की तबीयत बिगड़ गई, और वे बेहोश हो गए. गंभीर हालत में सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान सास की मौत हो गई. अन्य सदस्यों का इलाज कर उनकी जान बचा ली गई.
गहन पूछताछ में साजिश का खुलासा
शुरुआत में रुखसाना ने घटना को हादसा बताने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की गहन पूछताछ और जांच में पूरी साजिश का खुलासा हो गया. पूछताछ में रुखसाना ने प्रेमी शाहरुख के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली. इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान कर दिया.
अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए. जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. मामले में राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक नैमाराम चौधरी और उमरदीन मेहर ने प्रभावी पैरवी की. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि रिश्तों के विश्वास की हत्या और सोची-समझी साजिश के जरिए किए गए अपराध को कानून कभी माफ नहीं करता.