8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा फायदा, जानें किस वर्ग को होगा सबसे ज्यादा लाभ

भोपाल
 देशभर के सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा चरम पर है। केंद्र सरकार ने इसकी प्रक्रिया की शुरुआत पहले ही कर दी है, वहीं राज्यों में भी हलचल तेज हो गई है।

नए साल पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा ऐलान करते हुए 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी। इसके साथ ही असम यह फैसला लेने वाला देश का पहला राज्य बन गया। इस ऐलान के बाद अब मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।

एमपी में तेज हुई हलचल, कर्मचारी संघ सक्रिय

असम की पहल के बाद मध्यप्रदेश में भी 8वें वेतन आयोग को लेकर कवायद तेज हो गई है। राज्य कर्मचारी संघ ने इसे लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कर्मचारियों को होने वाले संभावित लाभ का पूरा हिसाब-किताब तैयार करने की तैयारी चल रही है।

राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय अवस्थी और प्रवक्ता अनिल भार्गव ने बताया कि जल्द ही इस विषय पर विशेष बैठक बुलाई जाएगी।

 8वें वेतन आयोग: जानें किस वर्ग को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

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8वां वेतन आयोग क्या है?

सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है, ताकि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन की समीक्षा की जा सके। 8वां वेतन आयोग भी इसी उद्देश्य से बनाया गया है। इसके तहत सैलरी स्ट्रक्चर, भत्ते और पेंशन में संशोधन किया जाएगा, ताकि बढ़ती महंगाई का असर कर्मचारियों पर कम हो सके।

कितने लोग होंगे लाभार्थी?

इस वेतन आयोग से करीब 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी (रक्षा कर्मियों सहित) और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी (रक्षा सेवानिवृत्तों सहित) लाभान्वित होंगे। यानी कुल मिलाकर करीब एक करोड़ लोग इस फैसले के दायरे में आएंगे।

वेतन बढ़ोतरी कैसे तय होगी?

8वें वेतन आयोग में वेतन बढ़ोतरी का आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। अभी सरकार ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक फिटमेंट फैक्टर 2.15 से लेकर 2.57 तक हो सकता है। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, बेसिक सैलरी में उतनी ही ज्यादा बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के तौर पर, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 रखा जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 38,700 रुपये हो सकती है।

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कितना बढ़ेगा वेतन? विशेषज्ञ करेंगे गणना

कर्मचारी संघ के मुताबिक – 

6वें और 7वें वेतनमान का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा

सभी संवर्ग, श्रेणी, वेतनमान और ग्रेड पे के आधार पर आकलन होगा

वित्त विशेषज्ञों से चर्चा कर संभावित लाभ का खाका तैयार किया जाएगा

इसके बाद निष्कर्षों के आधार पर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कार्यालय, सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात करेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया है।
इस आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना देसाई कर रही हैं।
केंद्र सरकार ने आयोग को 18 महीने में रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है।

अब सवाल यही—कब मिलेगा फायदा?

असम की पहल के बाद उम्मीद की जा रही है कि अन्य राज्य भी जल्द बड़ा फैसला ले सकते हैं। अगर मध्यप्रदेश में भी 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन और पेंशन में बड़ा फायदा मिल सकता है।

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नजरें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं…

कितना फायदा होगा, इसका करेंगे हिसाब किताब

राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के अनुसार 8 वें वेतनमान में कर्मचारियों, अधिकारियों को होनेवाले फायदे का पूरा हिसाब निकाला जाएगा। वित्त विशेषज्ञों से भी इस संबंध में बात करेंगे। इससे जो निचोड़ निकलेगा, राज्य सरकार को उसकी जानकारी देंगे। संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय अवस्थी और प्रवक्ता अनिल भार्गव के अनुसार जल्द ही इसके लिए बैठक बुलाई जाएगी।

संभावित लाभ के आकलन के लिए कठिन कवायद

राज्य कर्मचारी संघ का कहना है कि मध्यप्रदेश में 8 वें वेतन आयोग के लिए 6 वें और 7 वें वेतनमान का तुलनात्मक अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी संवर्ग और श्रेणी के अधिकारियों, कर्मचारियों के वेतनमान और ग्रेड पे के हिसाब से 8 वें वेतनमान से संभावित लाभ का आकलन करेंगे।कर्मचारियों, विशेषज्ञों से चर्चा के बाद निष्कर्षो से राज्य सरकार को अवगत कराने ज्ञापन तैयार करेंगे। इसके साथ ही राज्य कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल सीएम कार्यालय जाएगा। प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों को भी यह ज्ञापन दिया जाएगा।