ई-गवर्नेंस व्यवस्था प्रदेश में पेपरलेस कार्य प्रक्रिया, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव टैबलेट लेकर मंत्रि-परिषद की बैठक में पहुंचे
संकल्प से समाधान अभियान, स्वच्छ जल अभियान, प्रदेश में जैव विविधता को समृद्ध करने जैसे विषयों पर किया संवाद
चाइनीज मांझे के उपयोग के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने के दिये निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया मंत्रीगण को संबोधित

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में ई-गवर्नेंस व्यवस्था को विस्तार देते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में टैबलेट लेकर पहुंचे। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया आरंभ करने के उद्देश्य से मंत्रीगण को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे। साथ ही मंत्रि-परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लीकेशन का प्रस्तुतिकरण हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस पहल से पेपरलेस कार्य प्रक्रिया अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

संकल्प से समाधान अभियान में 16 विभागों की 91 योजनाओं/सेवाओं का पात्र व्यक्तियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि "संकल्प से समाधान अभियान" 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती 'युवा दिवस' से प्रारंभ किया गया है। यह अभियान चार चरणों में 31 मार्च तक चलेगा। इस अभियान में शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को दिया जाएगा। इसमें 16 विभागों की 91 योजनाएं/सेवाएं शामिल है। यह नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र दोनों में साथ-साथ चलेगा। प्रथम चरण में 12 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आवेदन प्राप्त करने की कार्यवाही होगी। द्वितीय चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक प्रथम चरण में प्राप्त आवेदन/शेष आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए शिविरों का आयोजन होगा। तृतीय चरण में 16 मार्च से 26 मार्च 2026 तक ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें अनिराकृत शेष आवेदन और शिकायतों का निराकरण होगा। चतुर्थ चरण 26 मार्च से 31 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर आवेदन एवं शिकायत का निराकरण होगा। जिला स्तर पर कलेक्टर एवं अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा इस अभियान को लीड किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार के जिलों में सतत् मॉनिटरिंग करनी है।

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स्वच्छ जल अभियान की सघन मॉनिटरिंग की जाए सुनिश्चित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार सभी को शुद्ध पेयजल देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में 'स्वच्छ जल अभियान' आरंभ किया जा रहा है, जो दो चरणों में संचालित होगा। प्रथम चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी और द्वितीय चरण एक मार्च से 31 मार्च के मध्य संचालित होगा। आम नागरिकों की पेयजल समस्या के लिये हर मंगलवार को जल सुनवाई की भी व्यवस्था रखी गई है। अभियान के तहत समस्त जल शोधन यंत्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई होगी, जिसकी निगरानी जीआईएस मैप आधारित एप से होगी। पेयजल संबंधी शिकायतों को 181 पर दर्ज करने की विशेष व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में इस अभियान की सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

मकर संक्रांति का दिन शुभ परिवर्तन, आत्मबल और सकारात्मक सोच का प्रतीक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति की अग्रिम मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि मकर संक्रांति वह शुभ समय है जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है। इस पावन अवसर पर 15 जनवरी को बाबई नर्मदापुरम से लाडली बहनों के खाते में जनवरी माह की 1500 रूपये की किश्त डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति का दिन शुभ परिवर्तन, आत्मबल और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है। यह त्यौहार प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशियां लाये। हमारा प्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पतंग उड़ाने, रंगोली प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों से उत्साह और उमंग का संचार करने वाले इस त्यौहार पर चाइनीज मांझे के उपयोग के प्रति विशेष सतर्कता बरती जाए।

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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सनातन संस्कृति की निरंतरता का प्रतीक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 8 से 11 जनवरी 2026 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाने का आहवान किया था। महमूद गजनी द्वारा 1026 ई. में सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया गया था, इस घटना के 1000 साल पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि यह उत्सव गौरव और सम्मान, गरिमा और ज्ञान, भव्यता और विरासत, अध्यात्म, सनातन, संस्कृति, निरंतरता और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी के तारतम्य में उन्होंने 10 जनवरी को विदिशा जिले के उदयपुर स्थित प्राचीन नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की पूर्जा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली व सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं। उज्जैन में श्री महाकाल महालोक और वाराणसी में बाबा विश्वनाथ की भव्यता से संसार आलोकित हो रहा है। सोमनाथ मंदिर 1000 वर्ष के उतार-चढ़ाव के बावजूद आज भी अपनी भव्यता और गौरव के साथ खड़ा है। यह यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ को उसके वैभव में पुन: स्थापित करने के निरंतर सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है।

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कृषक कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के हित में कार्य करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 10 जनवरी को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा की गई।