योगी सरकार की ओडीओसी योजना में यूपी के 75 जिलों का स्वाद: हर जनपद का पारंपरिक व्यंजन बनेगा पहचान

योगी सरकार की ओडीओसी योजना में यूपी के 75 जिलों का स्वाद: हर जनपद का पारंपरिक व्यंजन बनेगा पहचान

आगरा का पेठा से बनारस की लस्सी तक प्रदेश के हर जिले के खास व्यंजन को ब्रांड बनाने की तैयारी

योगी सरकार ने की 75 जिलों के पारंपरिक व्यंजनों की व्यापक मैपिंग, ब्रज से बुंदेलखंड और पूर्वांचल तक हर क्षेत्र के स्वाद को मिलेगा मंच

स्थानीय खानपान से पर्यटन, रोजगार और छोटे कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार, ‘टेस्ट ऑफ यूपी’ के रूप में देश-विदेश में पहचान बनाने की रणनीति

लखनऊ

उत्तर प्रदेश के विविध स्वाद और समृद्ध खानपान परंपरा को नई पहचान देने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ओडीओपी की तर्ज पर ‘एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी)’ के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रमुख पारंपरिक व्यंजनों की व्यापक मैपिंग कर ली गई है, जिससे अब हर जिले की अपनी एक खास फूड आइडेंटिटी तय हो गई है। इस पहल में आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, वाराणसी की लस्सी, जौनपुर की इमरती, गोरखपुर के समोसे, मेरठ की रेवड़ी-गजक, लखनऊ का मलाई मक्खन, सहारनपुर का शहद और मुजफ्फरनगर का गुड़ जैसे प्रसिद्ध व्यंजनों को प्रमुखता दी गई है। इसके साथ ही अन्य जिलों के स्थानीय और पारंपरिक स्वाद जैसे कासगंज की सोन पापड़ी, अयोध्या की दही-जलेबी, बलिया का सत्तू, चित्रकूट का मावा और बागपत का घेवर भी इस सूची में शामिल किए गए हैं।

See also  पत्रकारों के लिए खुशखबरी! 2032 तक डिजिटल जर्नलिस्ट की मांग में 13% वृद्धि, इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग में होगी सबसे ज्यादा ग्रोथ

हर क्षेत्र का अलग स्वाद, एक ही पहचान
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में ओडीओसी को लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। योजना के तहत ब्रज क्षेत्र की मिठास, अवध की समृद्ध कचौड़ी-समोसा संस्कृति, पूर्वांचल का देसी स्वाद और बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजन, इन सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर ‘टेस्ट ऑफ यूपी’ की अवधारणा को मजबूत किया जा रहा है। इससे प्रदेश के खानपान की विविधता को एकीकृत पहचान मिलेगी। इस पहल का सीधा फायदा स्थानीय कारीगरों, हलवाई, छोटे दुकानदारों और फूड उद्यमियों को मिलेगा। पारंपरिक व्यंजनों की मांग बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छोटे कारोबार को मजबूती मिलेगी।

पर्यटन में भी आएगा उछाल
योगी सरकार ओडीओसी को पर्यटन से जोड़कर फूड टूरिज्म को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है। अब पर्यटक किसी जिले में जाएंगे तो वहां के प्रसिद्ध व्यंजन का अनुभव लेना भी उनकी यात्रा का हिस्सा होगा। योगी सरकार की योजना है कि इन व्यंजनों को बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए। इससे न सिर्फ यूपी के स्वाद को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक छवि भी और मजबूत होगी।

See also  अगले 24 घंटे मूसलाधार बारिश के नाम, इन जिलों में रेड अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रमुख व्यंजन

1. आगरा: पेठा /नमकीन (दालमोठ)/गजक/ पराठा

2. फिरोजाबाद: आलू उत्पाद/ आलू टिक्की/कचौड़ी

3. मैनपुरी: सोहन पापड़ी/भुना हुआ आलू 

4. मथुरा: पेड़ा/छप्पन भोग/माखन मिश्री/ रबड़ी

5. अलीगढ़: डेयरी उत्पाद/कचौड़ी/इमरती/इगलास के चमचम

6. हाथरस: रबड़ी

7. कासगंज: मूंग का दलमा/कलाकंद/सोन पपड़ी/सोरों की मोठ की चाट

8. एटा: चिकोरी/घेवर पूड़ी

9. अयोध्या: कचौरी/टिकिया/ पेड़ा/कुल्हड़ वाली दही जलेबी

10. सुलतानपुर: पेड़ा/समोसा/पूड़ी और कोहड़े की सब्जी/लाल पेड़ा

11. बाराबंकी: चंद्रकला मिठाई/लाल पेड़ा

12. अमेठी: समोसा/गुड़ की खीर/गुलगुला/बड़ी वाली पूड़ी

13. अंबेडकर नगर: बालूशाही/चाट/खजाना/लाल गन्ने की गोटी

14. आजमगढ़: तहरी (मूंग दाल की)/सफेद गाजर का हलवा/लौंगलता

15. बलिया: सत्तू आधारित उत्पाद/बाटी-चोखा

16. मऊ: लिट्टी-चोखा/गोंठा की भेली

17. बरेली: सेवइयां/बर्फी/ छोले-भटूरे/ चाट

18. बदायूं: खोआ आधारित मिठाई/पेड़ा/ पेड़े/लौंज

19. पीलीभीत: जलेबी/खोआ मिठाई/लस्सी/लौंज

20. शाहजहांपुर: लौंग बर्फी/गुड़/समोसे/खुरचन

21. बस्ती: ठेकुआ/पूरी-सब्जी/सिरका/गुड़

22. संत कबीर नगर: खोआ आधारित मिठाई/समोसा/पेड़ा

23. सिद्धार्थनगर: खोआ आधारित मिठाई (राम-कचौरी)/मखाना/कालानमक चावल/रामकटोरी

24. बांदा: सोहन हलवा/बालूशाही

25. चित्रकूट: मावा

26. हमीरपुर: बुंदेली व्यंजन (दाल भरे/डुबरी फरा/महुआ बर्फी/माड़े/सन्नाटा)

27. महोबा: दाल बाफला/तिलकुट/देसावरी पान/खजूर का गुड़

28. गोड़ा: इटियाथोक का दही बड़ा व कचौड़ी

29. बहराइच: चमचम

30. बलरामपुर: नारियल बर्फी/कलाकंद/ घमंजा/ चाट

31. श्रावस्ती: इमरती

32. गोरखपुर: लिट्टी-चोखा/लहसुन वाले छोले समोसे/ बर्फी

33. महाराजगंज: लिट्टी-चोखा/खोआ आधारित मिठाई (राम-कचौरी)/गुड़/मीठा समोसा

34. देवरिया: मालपूआ/लिट्टी-चोखा/दही/गुड़ की जलेबी

See also  आस्था, संस्कृति और समरसता का अद्भुत संगम वीर तेजा मेला-2025

35. कुशीनगर: केला चिप्स/पेड़ा/लाल खोरमा

36. झांसी: दाल बाफला/बालूशाही

37. जालौन: रसगुल्ले/गुझिया

38. ललितपुर: दूध हलवा/बाजरे की रोटी

39. कानपुर: समोसा/लड्डू/मलाई मक्खन (मलइयो)

40. कानपुर देहात: खाद्य तेल/लस्सी

41. औरैया: शुद्ध देसी घी/दूध बर्फी मिठाई/बालूशाही/ गुड़

42. इटावा: सरसों आधारित उत्पाद (सरसों की चटनी/सलाद) मट्ठा के आलू/खीर मोहन

43. फर्रुखाबाद: दालमोठ/भुने आलू

44. कन्नौज: गट्टा मिठाई/खोआ का पेड़ा

45. लखनऊ: रेवड़ी/आम उत्पाद/चाट/मलाई मक्खन

46. हरदोई: आलू पूरी/लड्डू/लाओझड़ 

47. लखीमपुर खीरी: केला/गुड़/खोआ पेड़ा/खीर मोहन/रसगुल्ले

48. रायबरेली: मसाले

49. सीतापुर: मक्खन मलाई/समोसा/मिर्ची पकौड़ा/पेड़ा

50. उन्नाव: काला जामुन/समोसा/कचौड़ी/त्रिलोक परी

51. मेरठ: रेवड़ी/गजक/नानखटाई

52. गाजियाबाद: सोया चाप/मिर्ची का अचार

53. गौतम बुद्ध नगर: केक/बेकरी उत्पाद

54. हापुड़: पापड़

55. बुलंदशहर: कचौरी/खुरचन/पेड़ा

56. बागपत: बालूशाही/घेवर

57. मिर्जापुर: लाल पेड़ा/बालूशाही/रसगुल्ला/पेड़ा

58. भदोही (संत रविदास नगर): दाल पीठा/ठेकुआ/खोआ पेड़ा/गुझिया/रबड़ी

59. सोनभद्र: गुलाब जामुन

60. मुरादाबाद: दाल

61. रामपुर: हल्दी हलवा (हलवा)

62. अमरोहा: आम पन्ना/आम चटनी/सेव/लड्डू

63. संभल: सेवइया/गजक/सोनपापड़ी

64. बिजनौर: गजक/सिंघाड़ा कचौरी/सोनपापड़ी और बतीसा

65. प्रयागराज: सब्जी-कचौरी/समोसा/रसगुल्ला

66. फतेहपुर: बेड़मी पूरी-सब्जी/पेड़ा/सूतफेनी

67. कौशांबी: गुड़ से बनी मिठाई/चाट/बर्फी/मुंगौरा

68. प्रतापगढ़: आंवला आधारित उत्पाद/गुलाब जामुन

69. वाराणसी: तिरंगा बर्फी/ठंडाई-लस्सी/कचौरी/बनारसी पान/लौंग लत्ता/मलइयो 

70. जौनपुर: इमरती/मिठाई एटमबम/जौनपुरी मूली

71. गाजीपुर: मिर्च का अचार/मटर चाट/रसगुल्ला/जलेबी

72. चंदौली: काले चावल के उत्पाद (जैसे खीर)/गुलाब जामुन/लस्सी

73. सहारनपुर: शहद आधारित उत्पाद/चाट/घेवर

74. मुजफ्फरनगर: गुड़/चाट (टिक्की)/पेड़ा

75. शामली: गुड़ आधारित उत्पाद/चाट/मिठाई