बाथरूम में शीशा लगाते समय की ये 3 बड़ी भूलें, जो बढ़ा सकती हैं घर का तनाव

आजकल हर घर के बाथरूम में शीशा लगा होता है। अपने होम डेकोर और इंटीयर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए लोग घर में किसी भी जगह शीशा लगा देते हैं। उन्हें वास्तु से कोई लेना-देना नहीं होता। लेकिन, वास्तु का लोगों के जीवन पर कितना असर पड़ता है इसका उन्हें अंदाजा भी नहीं होता। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का हर कोना हमारी उन्नति और स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है।

बाथरूम एक ऐसी जगह है, जहां सबसे अधिक नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होने की संभावना रहती है। अगर यहां वास्तु के नियमों का पालन न किया जाए, तो यह घर की सुख-शांति को बिगाड़ सकता है। बाथरूम में लगे आईने (शीशे) का इसमें बहुत बड़ा योगदान होता है।

आइए जानते हैं बाथरूम में शीशा लगाने के सही वास्तु नियम:

सही दिशा का चुनाव

वास्तु के अनुसार, बाथरूम में आईना हमेशा पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा की दीवार पर लगाना चाहिए। इन दिशाओं को सकारात्मकता का केंद्र माना जाता है। उत्तर दिशा में लगा आईना धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। वहीं, पूर्व दिशा स्वास्थ्य और मान-सम्मान में सुधार करती है। भूलकर भी दक्षिण या पश्चिम की दीवार पर आईना न लगाएं।

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आईने का आकार

अपने बाथरूम में हमेशा चौकोर या आयाताकार आईना ही लगाएं। वास्तु में इन आकारों को संतुलन का प्रतीक और बेहद शुभ माना गया है। गोल या अंडाकार आईने बाथरूम में लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये ऊर्जा को अनियंत्रित तरीके से परावर्तित कर सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव भी पैदा हो सकता है।

कितनी ऊंचाई पर लगाएं शीशा?

आईना लगाते समय ध्यान रखें कि यह न तो बहुत ऊपर हो और न ही बहुत नीचे। जब आप शीशे में देखें, तो आपका चेहरा पूरी तरह और स्पष्ट दिखना चाहिए। आधा या कटा हुआ चेहरा दिखना अशुभ माना जाता है और यह आत्मविश्वास में कमी ला सकता है।

दरवाजे के ठीक सामने न लगा हो शीशा

बाथरूम के दरवाजे के ठीक सामने कभी भी आईना नहीं लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, जब बाथरूम का दरवाजा खुलता है, तो नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। अगर सामने आईना लगा होगा, तो वह उस नकारात्मक ऊर्जा को परावर्तित कर वापस पूरे घर में फैला देगा।

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शीशे की सफाई और स्थिति

आईने पर धुंधलापन, पानी के निशान या गंदगी नहीं होनी चाहिए। गंदा आईना न केवल नकारात्मकता बढ़ाता है, बल्कि आर्थिक तंगी का कारण भी बनता है। साथ ही, यदि आईना कहीं से चटका या टूटा हुआ हो, तो उसे तुरंत हटा दें, क्योंकि टूटा हुआ शीशा गंभीर वास्तु दोष पैदा करता है।