मंगेतर के सामने 20 वर्षीय युवती के साथ तीन दरिंदों ने बंधक बनाकर किया गैंगरेप, बवाल मचने के बाद 2 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी भाजपा नेता फरार

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र में मंगेतर के साथ घूमने गई 20 वर्षीय युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने शिकंजा बेहद सख्त कर दिया है। फरार मुख्य आरोपी और भाजपा नेता बबलू सिंगरौर पर प्रयागराज जोन के एडीजी ने इनाम की राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी है। पुलिस की 7 टीमें मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में आरोपी की तलाश में खाक छान रही हैं। ये घटना खागा कोतवाली क्षेत्र की बताई जा रही है.

 

पीड़िता के मंगेतर के अनुसार, यह रूहकंपा देने वाली घटना 24 अप्रैल की है। पीड़िता अपने मंगेतर के साथ अपनी बुआ के घर जा रही थी। गर्मी और धूप की वजह से वे रास्ते में एक जगह रुककर कोल्ड-ड्रिंक पीने लगे, तभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। मंगेतर को बंधक बनाकर उसके सामने ही युवती के साथ 3 घंटे तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने न केवल मारपीट की बल्कि अश्लील वीडियो बनाए और पीड़ित पक्ष से डरा-धमकाकर 2500 रुपये ऑनलाइन पेटीएम के जरिए ट्रांसफर भी करवा लिए। शुरुआत में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज नहीं होने का आरोप है, लेकिन बाद में एसपी अभिमन्यु मंगलिक से संपर्क के बाद मामला दर्ज किया गया.

एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि फरार चल रहे बबलू सिंगरौर को 28 अप्रैल को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे जंक्शन पर देखा गया है। पुलिस को वहां का सीसीटीवी फुटेज मिल गया है, जिसमें वह भागता हुआ नजर आ रहा है। एक विशेष टीम लगातार उसका पीछा कर रही है और दावा किया जा रहा है कि वह जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों ललित (29) और युवराज सिंह (28) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी बबलू सिंह अभी भी फरार है.पुलिस अब तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी में है. साथ ही मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने की बात कही जा रही है. फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी समेत कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.

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मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी आर.के. पटेल को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है, जबकि चौकी प्रभारी अनीश सिंह को निलंबित कर दिया गया है. पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए धमकियां दी जा रही हैं और पैसों का लालच भी दिया जा रहा है. वहीं, मुख्य आरोपी के राजनीतिक संबंधों के आरोपों को स्थानीय नेताओं ने खारिज किया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपी की तलाश जारी है.

 

युवती से दुष्कर्म के मुख्य आरोपित बबलू सिंगरौर को पकड़ने में नाकाम पुलिस ने इनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर अब एक लाख कर दी है। गुरुवार को एडीजी प्रयागराज जोन ने उसको जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पुलिस उसपर गैंगस्टर लगाने के साथ ही संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है। इधर देर शाम करीब एक करोड़ की कीमत वाली सरकारी जमीन पर उसके अवैध निर्माण को प्रशासन ने ध्वस्त करा दिया।

एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपित की लोकेशन देश के विभिन्न राज्यों के रेलवे प्लेटफॉर्मों पर ट्रेस की गई है। इसके आधार पर अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। कुल सात टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपित लगातार अपनी पहचान छिपाकर भाग रहा है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बबलू के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा आरोपियों पर मुकदमा

मंगेतर के सामने युवती के साथ हुए दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस प्रशासन अब मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए ‘फास्ट ट्रैक’ रणनीति पर काम कर रहा है। प्रशासन का पूरा ध्यान अब पीड़िता की गोपनीयता बनाए रखने और उसे मेडिकल एवं लीगल सहायता प्रदान करने और दोषियों को न्यायालय के जरिए कठोर दंड दिलाने पर केंद्रित है।

पिछले दिनों मचे सियासी घमासान और नेताओं के गांव जाने की होड़ के बीच एसपी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़िता की गोपनीयता और कानून व्यवस्था की दृष्टि से किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को पीड़िता से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एसपी ने कहा कि पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है और प्रशासन इसे लेकर बेहद गंभीर है। इसमें किसी को कोई छूट नहीं मिलेगी। सपाइयों और कांग्रेसियों के पीड़िता के गांव पहुंचने की गलती अब पुलिस प्रशासन किसी कीमत पर दोहराना नहीं चाहता है। बुधवार को भाजपा प्रतिनिधि मंडल को नगर में ही रोक लिया गया था। पुलिस का साफ कहना है कि यदि किसी पार्टी, संगठन या व्यक्ति को विधिक प्रक्रिया या कार्रवाई को लेकर कोई समस्या है तो वह सीधे अफसरों से मिलकर अपना पक्ष रख सकता है लेकिन पीड़िता और उसके परिवार के पास पहुंचने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

होगा फास्ट ट्रैक ट्रायल और मिलेगा मुआवजा

प्रशासन पीड़िता को सरकारी मुआवजा योजना का लाभ दिलाने के लिए तेजी से कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। साथ ही अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय स्थापित किया गया है ताकि चार्जशीट दाखिल होते ही मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले। पुलिस का लक्ष्य है कि साक्ष्यों को इतनी मजबूती से पेश किया जाए कि आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित हो सके। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि हमारा उद्देश्य पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाना है।

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पूरी हो गई विपक्षी दलों की मुराद

पुलिस अधीक्षक द्वारा दुष्कर्म आरोपितों के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट ट्रायल, पीड़िता को मुआवजे और अन्य राहत उपाय की घोषणा होते ही विपक्षी दलों की मुराद पूरी हो गई। कांग्रेस और सपा समेत अन्य संगठनों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट ट्रायल समेत अन्य मांगें सामने रखी थीं।

गैंगस्टर एक्ट संग संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आरोपितों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रहा है। एसपी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आरोपितों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रस्तावित है। इसके तहत अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों का चिन्हांकन शुरू हो गया है। बहुत जल्द गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत इन संपत्तियों को कुर्क (जब्त) करने की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस अब यह पता कर रही है कि आरोपितों द्वारा कौन कौन सी संपत्तियां अर्जित की गई हैं। इनका चिन्हांकन होते ही इसे जब्त किया जाएगा।

विधायक पर आरोपी को बचाने का आरोप, परिवार को मिल रही धमकियां

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी भाजपा में पदाधिकारी है और स्थानीय विधायक उसे बचाने का प्रयास कर रही हैं। परिवार का यह भी दावा है कि उन पर सुलह करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और 8 लाख रुपये का लालच दिया जा रहा है। नाम न हटाने पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पीड़ित पक्ष ने सवाल उठाया है कि आखिर अब तक आरोपी के घर पर बुलडोजर क्यों नहीं चला?