वास्तु टिप्स: घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना हो सकता है नुकसान

ज्योतिष और वास्तुशास्त्र में घर का सबसे पवित्र स्थान मंदिर को माना गया है। अपने घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए मनुष्य सुबह-शाम नियमित पूजा करता है और देवी-देवताओं की आराधना करता है। इसका प्रभाव परिवार के सदस्यों के जीवन पर भी पड़ता है। लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में कुछ चीजों को रखना वर्जित माना गया है। खंडित मूर्तियां, दो शंख सहित कुछ चीजें पूजा घर में रखने से इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। साथ ही, अनजाने में हुई गलतियों के चलते पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं से कि घर के मंदिर में किन-किन चीजों को नहीं रखना चाहिए।

पूजा घर में न रखें अत्यधिक बड़ी मूर्तियां
वास्तुशास्त्र में घर के मंदिर को लेकर कई नियम व टिप्स बताए गए हैं। मान्यता है कि कभी भी पूजा घर में अत्यधिक बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। मंदिर में 3 से 6 इंच की मूर्तियां रखी जा सकती हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से आसपास ऊर्जा का एक समान प्रवाह बना रहता है। वहीं, अत्यधिक बड़ी भगवान की मूर्तियां पूजा घर में स्थापित करने से इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। बड़ी मूर्तियां मंदिर में स्थापित की जाती हैं वहीं, घर के मंदिर में 3 से 6 इंच की मूर्ति रखनी चाहिए।

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मंदिर में न रखें दो शंख
अगर आपने घर के मंदिर में दो शंख रखे हैं, तो उसे वहां से हटा देना चाहिए। मान्यता है कि गलती से भी पूजा घर में दो शंख नहीं रखने चाहिए। कहा जाता है कि घर में दो शंख रखने से इसका नकारात्मक प्रभाव आसपास की ऊर्जा पर और परिवार के सदस्यों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए हमेशा घर के मंदिर में एक ही शंख रखना चाहिए। साथ ही, कभी भी शंख से शिवलिंग का अभिषेक नहीं करना चाहिए।

भगवान गणेश की तीन प्रतिमा न रखें
कई लोग मंदिर में एक ही भगवान की दो-दो प्रतिमाएं रखते हैं। शास्त्रों में ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि किसी भी देवी-देवता की फोटो या मूर्ति घर के मंदिर में दो नहीं रखनी चाहिए। विशेषतौर पर भगवान गणेश की मूर्ति या प्रतिमा की संख्या पूरे घर में तीन नहीं होनी चाहिए। ऐसा करना वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि इससे शुभ कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, परिवार के सदस्यों के जीवन पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

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मंदिर में टूटे-फूटे बर्तन न रखें
अगर आपके घर के मंदिर में किसी भी प्रकार के टूटी-फूटी थाली, कटोरी, गिलास आदि बर्तन रखे हैं, तो उसे तुरंत पूजा घर से हटा दें। पूजा के लिए टूटे-फूटे और गंदे बर्तनों को प्रयोग करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में दोष भी लग सकता है। जिससे घर में कई समस्याएं उत्पन्न होने का संकट रहता है। यह गृह क्लेश और कार्यों में बाधाओं का कारण भी बन सकता है। इसलिए मंदिर के बर्तनों से जुड़े इस नियम का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

पूजा घर में खाली पैकेट और गंदगी न रखें
कई बार हम अनजाने में अगरबत्ती, धूपबत्ती या बाती का पैकेट खत्म होने के बाद उसे मंदिर में ही भूल जाते हैं। इस प्रकार की वस्तुओं को मंदिर में रखना शुभ नहीं माना जाता है। साथ ही, मंदिर को समय-समय पर साफ करना भी आवश्यक होता है। वहां कभी भी अगरबत्ती, धूपबत्ती आदि के खाली पैकेट नहीं रखने चाहिए और न ही किसी प्रकार की गंदगी होनी चाहिए। ऐसा करने से वास्तुदोष लग सकता है।

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मंदिर में ज्यादा देर न रखें भोग
काफी लोग अपने घर के मंदिर में भगवान को भोग लगाकर उसे देर तक या पूरी रात तक वहीं छोड़ देते हैं। ऐसा करना सही नहीं माना जाता है। हमेशा भगवान को भोग लगाने के कुछ देर बाद ही प्रसाद को वहां से उठाकर सभी में बांट देना चाहिए। मान्यता है कि भगवान को प्रसाद चढ़ाते ही उनका भोग लग जाता है। ऐसे में उसे वहां से हटा देना चाहिए। साथ ही, बर्तनों को साफ करके रखना चाहिए।