प्रयागराज में माघ मेला 2027 से दौड़ेगी Water Metro, गंगा-यमुना किनारे बनेंगे 8 स्टेशन

 प्रयागराज
 तीर्थराज में नदियों के माध्यम से परिवहन को सुगम बनाने के लिए वाटर मेट्रो चलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। माघ मेला 2027 में इसके शुभारंभ की तैयारी चल रही है। यहां गंगा और यमुना में वाटर मेट्रो का संचालन किया जाएगा।

इसके लिए आठ मेट्रो स्टेशन बनाने का प्रस्ताव जल्द ही तैयार किया जाएगा, जिसके लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।गंगा में दो मेट्रो स्टेशन बनाने पर विचार चल रहा है। यहां दारागंज में नागवासुकि के पास तथा झूंसी में छतनाग के पास स्टेशन बनेगा।

इसी तरह संगम में फ्लोटिंग स्टेशन बनाया जाएगा। यमुना में करैलाबाग, बलुआ घाट, बोट क्लब, किला घाट तथा अरैल में स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों पर कार्ट और ई-रिक्शा की सुविधा दी जाएगी। साथ ही कैफेटेरिया भी संचालित होगा। भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज में संगम के लिए ही वाटर मेट्रो का प्रमुखता से उपयोग हो सकेगा

See also  उदयपुर: बीडीएस छात्र की आत्महत्या मामले में दो फैकल्टी सदस्य निष्कासित

18 शहरों में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना
यह पर्यटकों के लिए विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र होगा। केंद्र सरकार द्वारा देश के 18 शहरों में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना के तहत प्रयागराज को पहले चरण के शहरों में शामिल किया गया है।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी योजना के पहले चरण में प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, श्रीनगर और पटना के साथ-साथ गुवाहाटी को चुना गया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए जल आधारित एक आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन का साधन प्रदान करना है।

इससे शहर के सड़क मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी और यात्रियों का सफर आसान होगा। वाटर मेट्रो नावों को बैट्री और हाइब्रिड ईंधन से चलाया जाएगा, जिससे नदियों में प्रदूषण नहीं होगा।

भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण के नोडल अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि करैलाबाग से संगम तथा इसके आगे तक इसका संचालन किया जाएगा, जिसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। जल्द ही कोच्चि से वाटर मेट्रो आ जाएगी। इसे पर्यटन विभाग को संचालित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

See also  वर्दी में भी राज छुपते हैं: जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP ने जनरल नरवणे को दी नसीहत