यूपी में मौसम का कहर: 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पारा 4° गिरा

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर पश्चिम में बाढ़ और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी, महोबा सहित 11 जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। 23 जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया। पूर्वांचल में सरयू और बड़ी गंडक का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यूपी के मुजफ्फरनगर में रामराज क्षेत्र में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर चल रहा है। बुढ़ाना क्षेत्र में पांच मकानों की छत-दीवारें गिर गई। चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव में पक्का मकान भी ढह गया।

कई जिलों में मकानों की दीवारें ढहीं
मेरठ समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में लगातार तीसरे दिन बारिश की आफत रही। बुलंदशहर में पेड़ गिरने से एक युवक की मौत हो गई। हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर में करीब 15 मकान गिरने से कई लोग घायल हो गए। उधर, गंगा-यमुना अपने पूरे उफान पर चल रही हैं।

See also  मोदी कैबिनेट का 27‑हजार करोड़ का ग्रीन एनर्जी प्लान: NTPC, NLC पर बड़ी छूट, निवेश की नई राह

पूर्वांचल में भी नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा
गोरखपुर-बस्ती मंडल में भले ही बारिश न हुई हो, लेकिन सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में गोरखपुर में सरयू का जलस्तर 18 सेंटीमीटर बढ़ गया है। तुर्तीपार में सरयू खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर, अयोध्या में 31 सेंटीमीटर और देवरिया में 85 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बस्ती में भी नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर है। कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी भी चेतावनी बिंदु से 8 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर फिलहाल घट रहा है। प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मुरादाबाद मंडल में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं।