वीकेंड थेरेपी: नींद, डिजिटल डिटॉक्स और नेचर से तनाव कम करने के आसान तरीके

 सोमवार से लेकर शुक्रवार या फिर शनिवार तक हम सभी एक भागदौड़ भरी जिंदगी जीते हैं. ऑफिस के कामों को खत्म करना और घर की जिम्मेदारियों को पूरा करने के चक्कर में हम सिर्फ फिजिकली ही नहीं बल्कि मेंटली भी पूरी तरह से थक जाते हैं. इस समय हम सिर्फ वीकेंड का इंतजार करते हैं क्योंकि इसी एक या दो दिनों के दौरान हम खुद को रिलैक्स करने के लिए कुछ कर पाते हैं. वीकेंड पर हमारे अंदर बहुत कुछ करने की इच्छा तो होती है लेकिन फिर भी हम इसे सोने या फिर सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में ही बर्बाद कर देते हैं, जिस वजह से हमारी थकान दूर नहीं हो पाती है. अगर आप सच में इस वीकेंड खुद को रिलैक्स और रिफ्रेशिंग फील करना चाहते हैं, तो आपको वीकेंड थेरेपी जरूर अपनानी चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ आसान कामों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें इस वीकेंड करके आप अपने शरीर और दिमाग को पूरी तरह से रिलैक्स्ड फील करवा सकते हैं. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से.
सही तरीके से पूरा करें नींद का कोटा

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पूरे हफ्ते सुबह जल्दी उठने के चक्कर में हमारी नींद अधूरी रह जाती है. वीकेंड पर आप अपनी इस अधूरी नींद को पूरा कर सकते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप दोपहर के 12 बजे तक सोते रहें. ऐसा करने से शरीर में सुस्ती और बढ़ जाती है और साथ ही दिमाग भी थका हुआ महसूस करने लगता है. आप रोज के समय से सिर्फ एक या दो घंटा ज्यादा सो सकते हैं. एक अच्छी और गहरी नींद आपके दिमाग के सेल्स को शांत करती है और आपको मेंटल पीस देती है.

डिजिटल डिटॉक्स भी है बेहद जरूरी
आज के समय में हम हर समय मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन से चिपके रहते हैं. सोशल मीडिया की रील्स और ऑफिस के ई-मेल्स हमारे दिमाग को कभी शांत नहीं होने देते. वीकेंड पर कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए अपने फोन को खुद से दूर रखें. ऐसा करने को डिजिटल डिटॉक्स करना कहते हैं. जब आप स्क्रीन से दूरी बनाएंगे, तो आपकी आंखों को आराम मिलेगा और दिमाग का स्ट्रेस भी कम होगा.

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नेचर के साथ बिताएं थोड़ा समय
कंक्रीट के जंगलों और बंद कमरों से बाहर निकलकर थोड़ी फ्रेश ऑक्सीजन लेना भी बहुत जरूरी है. वीकेंड की सुबह या शाम को किसी नजदीकी पार्क में जाएं. हरी घास पर नंगे पैर चलें, पौधों को देखें और लंबी सांसें लें. नेचर के बीच रहने से शरीर में हैप्पी हार्मोन्स बढ़ते हैं, जिससे डिप्रेशन और एंग्जायटी दूर होती है. यह आपके शरीर को नेचुरली रीचार्ज करने का सबसे अच्छा तरीका है.

अपनी पसंद का कोई काम करना
भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम अक्सर अपनी उन हॉबीज को भूल जाते हैं जो हमें खुशी देती थीं. इस वीकेंड अपने उस पुराने शौक को फिर से जगाने की कोशिश करें. चाहे वह शौक पेंटिंग करने का हो, कोई अच्छी किताब पढ़ने का हो, गार्डनिंग करने का हो या फिर म्यूजिक सुनने का. जब आप अपनी पसंद का काम करते हैं, तो दिमाग का सारा स्ट्रेस गायब हो जाता है और अंदर से एक नई पॉजिटिव एनर्जी का अहसास होता है.

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खुद को दें रिलैक्सिंग मसाज या बाथ
हफ्ते भर की थकान के कारण मसल्स में खिंचाव और दर्द होने लगता है. शरीर को आराम देने के लिए आप वीकेंड पर गुनगुने पानी से नहा सकते हैं या फिर हल्के तेल से शरीर की मसाज कर सकते हैं. इसके अलावा गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर पैर डुबोकर बैठने से भी बहुत आराम मिलता है. इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सारी फिजिकल थकावट भी पल भर में दूर हो जाती है.

अपनों के साथ दिल खोलकर बातें करें
अकेलेपन और काम के प्रेशर से भी आपको मेंटल स्ट्रेस हो सकती है. वीकेंड का कुछ समय अपने परिवार, बच्चों या दोस्तों के साथ बिताएं. उनके साथ बैठकर चाय पीते हुए अपनी पुरानी यादें ताजा करें या हंसी-मजाक करें. अपनों के साथ खुलकर बात करने और हंसने से मन का बोझ हल्का होता है. यह एक ऐसी थेरेपी है जो किसी भी दवाई से ज्यादा असरदार है.