विटामिन-सी कब और कैसे लें? सही समय, डोज़ और ज़रूरी सावधानियाँ

नई दिल्ली। विटामिन-सी शरीर के लिए काफी जरूरी होता है, लेकिन हमारा शरीर न तो इस विटामिन को खुद बना पाता है और न स्टोर कर पाता है। दरअसल, विटामिन-सी एक वॉटर सॉल्यूबल विटामिन है यानी ये पानी में घुल जाता है और यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है।

इसलिए अगर डाइट में विटामिन-सी पर ध्यान न दिया जाए, तो शरीर में इसकी कमी हो सकती है। इसकी कमी दूर करने के लिए कई लोग इसके सप्लीमेंट्स भी लेते हैं। अगर आप भी विटामिन-सी की गोलियां लेते हैं, तो आपको इन्हें लेने का सही समय और कुछ जरूरी बातें पता होनी चाहिए, ताकि बेहतर रिजल्ट मिल सके। आइए जानें इस बारे में।

विटामिन-सी लेने का सबसे अच्छा समय क्या है?
विटामिन-सी एक पानी में घुलने वाला विटामिन है, जिसका मतलब है कि यह शरीर में लंबे समय तक जमा नहीं होता और यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है। इसके अब्जॉर्प्शन को बेहतर बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें-

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    सुबह के समय खाने के बाद- विटामिन-सी के सप्लीमेंट्स लेने का सबसे सही समय सुबह का नाश्ता करने के बाद का होता है। खाने के साथ लेने से पेट में एसिडिटी या गैस्ट्रिक परेशानी के रिस्क को कम करता है। विटामिन-सी का अब्जॉर्प्शन छोटी आंत में होता है। इसलिए खाने के साथ इसे लेना फायदेमंद साबित हो सकता है।
    दिन के दो भागों में बांटकर- क्योंकि शरीर एक साथ ज्यादा मात्रा में विटामिन-सी को स्टोर नहीं कर पाता, इसलिए अगर आपको एक बड़ी खुराक (जैसे 1000mg) लेनी है, तो इसे दो भागों में बांटकर लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। उदाहरण के लिए, 500mg नाश्ते के बाद और 500mg दोपहर के खाने के बाद। इससे शरीर को लगातार विटामिन-सी मिलता रहता है और अब्जॉर्प्शन भी बेहतर होता है।

    खाली पेट लेने से बचें- विटामिन-सी में एस्कॉर्बिक एसिड होता है, जो एसिडिक होता है। इसे खाली पेट लेने से पेट में जलन, एसिडिटी या अपच की समस्या हो सकती है। इसलिए, हमेशा इसे कुछ खाने के बाद ही लें।

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किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
    खुराक पर नजर रखें- विटामिन-सी की ज्यादा खुराक से दस्त, मतली, पेट में ऐंठन और गैस्ट्रिक की समस्या हो सकती है।
    कुछ मेडिकल कंडीशन में सावधानी- जिन लोगों को किडनी की समस्या हो या किडनी में स्टोन बनने का इतिहास हो, उन्हें विटामिन-सी की हाई डोज लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि इससे ऑक्सोलेट स्टोन बनने का रिस्क बढ़ सकता है।
    दवाओं के साथ इंटरेक्शन- विटामिन-सी कुछ दवाओं जैसे कि ब्लड थिनर, एस्ट्रोजन वाली दवाएं और कुछ प्रकार की कीमोथेरेपी दवाओं के साथ इंटरेक्ट कर सकता है। अगर आप कोई नियमित दवा ले रहे हैं, तो सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।