क्या कच्चा तेल $200 बैरल तक जाएगा? ईरान जंग पर एक्सपर्ट ने दी बड़ी चेतावनी

 नई दिल्‍ली

ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई ने पूरी दुनिया को महंगाई के खतरे में डाल दिया है. हर देश महंगाई के खतरे से बचने के लिए छोटे-मोटे कदम उठा रहा है, लेकिन सवाल है कि ये कब तक चलेगा? अगर वॉर ज्‍यादा दिनों तक चलता है तो दुनिया में महंगाई बढ़ना और ग्‍लोबल इकोनॉमी में संकट में आ सकती है. साथ ही तेल के दाम में रिकॉर्ड उछाल आ सकती है, जिससे हर छोटी बड़ी चीजें के दाम में बड़ी बढ़ोतरी हो जाएगी। 

ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने  भी इसी चीज को लेकर चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अगर ईरान से जुड़ा मौजूदा संघर्ष जून तक खिंचता है और स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहता है तो कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ सकती हैं और इसकी 40% संभावना है। 

फर्म ने कहा कि दूसरी तिमाही तक जारी रहने वाला संघर्ष तेल की वास्तविक कीमतों को ऐतिहासिक रूप से उच्च स्तर पर पहुंचा सकता है. हालांकि, ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने 60 फीसदी की ज्‍यादा आशावादी संभावना जताई है, जिसके तहत इस महीने के अंत तक संघर्ष में कमी आ सकती है। 

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यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ब्रेंट क्रूड की कीमतों में सालों में सबसे मजबूत मंथली उछाल देखी गई है, जिसका मुख्‍य कारण अमेर‍िका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव हैं. ईरान द्वारा स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग बंद कर देने से आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है और एक गहरे एनर्जी संकट की आशंका बढ़ गई है। 

तेल क्षेत्रों में संकट बढ़ी 
एक महीने से चल रहे इस वॉर ने प्रमुख तेल उत्‍पादक क्षेत्रों में हलचल तेज कर दी है. एशिया को तेल की आपूर्ति करने वाले एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍से को कंट्रोल करने वाले स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के कंट्रोल ने एनर्जी मार्केट में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है. ब्रोकरेज ने अपनी नोट में कहा कि अगर यह रास्‍ता लंबे समय तक बंद रहता है तो कीमतों में इतनी तेजी होनी चाहिए कि ग्‍लोबल तेल डिमांड में भारी गिरावट आ आ जाए. हालांकि यह रास्‍ता खुलने का संकेत मिला है। 

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ब्रेंट के दाम फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार 
27 मार्च को दो चीनी जहाजों को होर्मुज से गुजरने से रोके जाने के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे यह संकेत मिला कि ईरान इस खास समुद्री मार्ग से आने-जाने पर प्रतिबंध लगाना जारी रखे हुए है. मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 2.82% बढ़कर 111.06 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर 2.68% बढ़कर 97.01 डॉलर हो गया। 

समुद्री यातायात पर नज़र रखने वाली कंपनी मरीनट्रैफिक के अनुसार, चाइना ओशन शिपिंग कंपनी के मालिकाना हक वाले जहाजों को वापस भेज दिया गया. वॉर शुरू होने के बाद से किसी बड़े कंटेनर वाहक द्वारा इस मार्ग को पार करने का यह पहला प्रयास था. क्षमता के हिसाब से COSCO दुनिया की चौथी सबसे बड़ी शिपिंग लाइन है। 

ट्रंप का बड़ा ऐलान 
वहीं डोनाल्‍ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज फिर से खोलने के लिए 10 दिन का समय देने का फैसला किया है. साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा है कि वे 10 दिनों तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर हमला नहीं करेंगे. सोशल मीडिया पोस्‍ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान से बातचीत अभी अच्‍छी चल रही है. इस कदम के तहत, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह 6 अप्रैल तक ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोक देंगे। 

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