भैसों में याद किए गए महात्मा गांधी

Johar36garh (Web Desk)|पामगढ़ भैंसो मैं महात्मा गांधी जी की जयंती पर ग्राम वासियों ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए गांधी जयंती मनाई गई एवं फूल माला अर्पण प्रसाद वितरण किए गए महात्मा गांधी ने ,दे दी आजादी बिना खडक बिना ढाल साबरमती के संत तूने कर दिया| कमाल रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम ,,अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी का विचार शक्ति को पहचानते थे| उन्होंने कई किताबें लिखी और समाचार पत्र भी निकालें सामाजिक सुधारों से जुड़े उनके लेखों ने जनमानस को नई सोच और दिशा दी अहिंसा एक दृष्टि कभी धरती पर रहा होगा कल आज और कल गांधीगिरी हमेशा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती भारतपुर राष्ट्र के रूप में विकसित करने में गांधीजी का अहम योगदान है प्रकृति में सभी की आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त संसाधन है, लेकिन मानव के लालच के लिए नहीं वर्तमान में देश के 4 बड़े मुद्दों पर हम गांधीगिरी के द्वारा जानेंगे कि कैसे मार्ग मिल सकता है| क्योंकि गांधीगिरी है हमेशा के लिए हमें गांव को स्वता पूर्ण बनाने पर जोर देना होगा शोषण से बचने के लिए आत्मनिर्भर बने महाशक्ति बनने का मंत्र भारत सही माइनों में आजाद होगा जब महिलाएं आधी रात को भी सड़कों पर बेखौफ होकर घूम सकेंगे भयमुक्त समाज बने अहिंसा मनुष्य का उच्चतम आदर्श है यह बहादुरों का हथियार है लेकिन कायरों का कदापि नहीं अपनाओ तीन चरण स्वीकारोक्ति, संकल्प और समाज के प्रति प्रायश्चित गलती सुधारने का अचूक उपाय गांधी मार्ग बापू का सफर एक नजर जीवन 2 अक्टूबर 18 सो 69 से 30 जनवरी 1948 शिक्षा लंदन कॉलेज की से बैरिस्टर प्रमुख आंदोलन दांडी मार्च भारत छोड़ो असहयोग खिलाफत संभाली कांग्रेस की कमान वर्ष 1915 में भारत लौटने के बाद बापू ने कांग्रेस ज्वाइन की और 1920 में कांग्रेस की कमान संभाली इस अवसर पर मुख्य रूप से जनपद सदस्य रामकुमार पटेल व प्रदेश महामंत्री छत्तीसगढ़ कांग्रेश पार्टी द्वारा बापू के मार्ग पर चलने को कहा गया गांधी ने यही जाना कि अंग्रेजों को गोला बारूद बिना भगाना संभव है संवेदनशीलता सहनशीलता का पाया आज कमजोर धर्म और जातिगत भेदभाव से परे रहने का संदेश यही दिया बापू ने साथ ही साथ आज की इस परिवेश में बापू के ही मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति अहिंसा और धर्म के रास्ते पर चलना सीख रहे हैं इस अवसर पर ग्राम के माताएं बुजुर्ग युवा साथी गांधी जयंती पर उपस्थित थे रामानंद पटेल सुमित्रा बाई सूर्यवंशी तीज मती रामेश्वर पटेल सुंदर लाल पटेल बृज विलास पटेल मानस पटेल मेधांश पटेल विवेक पटेल उपस्थित होकर गांधी जयंती मनाई गई|

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