युवाओं के कौशल विकास को मिलेगा नया विस्तार, प्रदेश में 800 से अधिक ट्रेनिंग पार्टनर्स जुड़े

लखनऊ
प्रदेश में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास व्यवस्था का विस्तार किया गया है। प्रदेश में 800 से अधिक प्रशिक्षण साझेदारों को जोड़ा गया है, जिनके माध्यम से युवाओं को नई तकनीक, आधुनिक उद्योगों और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण मिलेगा।

प्रशिक्षण व्यवस्था में निजी संस्थानों के साथ बड़े औद्योगिक समूहों, सरकारी संस्थानों और स्टार्टअप को भी शामिल किया गया है। सभी श्रेणियों के प्रशिक्षण साझेदारों के लिए कड़े पात्रता मानक तय किए गए हैं, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार सुनिश्चित किया जा सके।

नई तकनीक और भविष्य की जरूरतों वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए न्यू एज ट्रेनिंग पार्टनर्स (एनटीपी) को शामिल किया गया है। इनके लिए कम से कम तीन वर्ष पुराना पंजीकरण, एक करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार, 500 प्रशिक्षित अभ्यर्थी, 50 प्रतिशत प्लेसमेंट और कम से कम दो संचालित प्रशिक्षण केंद्र होना अनिवार्य किया गया है।
प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर्स (पीटीपी) के तहत 500 से अधिक संस्थानों को पैनल में शामिल किया गया है। इनके लिए तीन वर्ष का अनुभव, पिछले तीन वर्षों में औसतन दो करोड़ रुपये का कारोबार, कम से कम 2,000 युवाओं को प्रशिक्षण और 1,000 को रोजगार दिलाने का अनुभव जरूरी है।

See also  Credit Card Rule Change: 1 अप्रैल से होंगे बड़े बदलाव, जानें क्या-क्या बदलेगा अगर आप भी करते हैं क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल

इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग पार्टनर्स (आइटीपी) के रूप में 35 प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों को फ्लेक्सी एमओयू के माध्यम से जोड़ा गया है। इनमें रेमंड, काफी डे ग्लोबल लिमिटेड, मारुति इंडिया लिमिटेड और फ्यूचर शार्प स्किल्स लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं।

इनके लिए 100 करोड़ रुपये का औसत कारोबार, हर वर्ष कम से कम 500 युवाओं को प्रशिक्षण, न्यूनतम तीन वर्ष का अनुबंध और 80 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके अलावा 300 से अधिक सरकारी ट्रेनिंग पार्टनर्स (जीटीपी) भी इस अभियान से जुड़े हैं।

वहीं, स्टार्टअप ट्रेनिंग पार्टनर्स (एसटीपी) के माध्यम से नवाचार आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इनके लिए वैध पंजीकरण, कम से कम 25 लाख रुपये का कारोबार, पर्याप्त प्रशिक्षण ढांचा, प्रशिक्षित प्रशिक्षक, ब्लैकलिस्ट न होने व राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित करने जैसी शर्तें निर्धारित की गई हैं।