नीट में मोशन के होनहारों ने लहराया जीत का परचम

– तीन विद्यार्थियों ने बनाई टॉप 100 में जगह
– क्वालिफाइंग रेशियो रहा 91.64 प्रतिशत

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से देश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) -2023 के नतीजों में मोशन एजुकेशन के स्टूडेंट्स ने एक बार फिर शानदार कामयाबी प्राप्त कर अपनी सफलता का परचम लहराया है। मोशन के 3 विद्यार्थियों ने आल इंडिया रैंक के टॉप 100 में जगह बनाई हैं। इसमें वैभव सिन्हा ने 30वीं, नव्या मिश्रा ने 71वीं और पलक निशांत शाह ने 94 वीं रैंक हासिल की है।

मोशन के सीएडी सर्किल स्थित दक्ष कैम्पस में सफलता का जश्न मनाया गया। मोशन एजुकेशन के फाउंडर और सीईओ नितिन विजय ने इस मौके पर कहा कि परिणाम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मोशन की टीम और सिस्टम में कुछ खास बात है। वैभव सिन्हा ने 720 में से 710, पलक निशांत शाह और नव्या मिश्रा ने 705-705 अंक हासिल किए। मोशन के टॉप 1000 में मोशन के 28 और टॉप 10 हजार में 435 स्टूडेंट्स रहे। मोशन के ज्वाइंट डायरेक्टर और नीट डिविजन के हेड अमित वर्मा ने बताया कि मोशन के 7 हजार 84 विद्यार्थियों में से 6 हजार 492 ने नीट क्वालीफाई किया है। इस तरह क्वालिफाइंग रेशियो 91.64 प्रतिशत रहा है।

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नव्या मिश्रा को दो लाख रुपए का चेक
समारोह में छात्रों को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की और आल इंडिया 92 वीं रैंक पर आई नव्या मिश्रा को दो लाख रुपए का चेक भेंट किया गया। टॉपर्स ने अपने अनुभव शेयर करते हुए बताया कि कोटा के माहौल और मोशन के बारे में काफी सुना था। इसलिए तैयारी के लिए कोटा आने का निर्णय लिया और वह सही भी साबित हुआ। उनको मोशन के एक्सपीरियंस फेकल्टी और अकेडमिक सिस्टम का फायदा मिला। उन्होंने बताया कि सफलता के लिए लक्ष्य बनाकर उस पर ध्यान केंद्रित रखें। निरंतरता और समर्पण ही कामयाबी की ओर ले जाएंगे। तैयारी के अंतिम दौर में एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों से दोहराने और पूरे पाठ्यक्रम पर आधारित मॉक देने से बड़ा फायदा मिला। सफल छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और संस्था के शिक्षकों को दिया।

11.45 लाख ने किया नीट क्वालीफाई
नीट-यूजी का रिजल्ट मंगलवार रात जारी कर दिया गया था। कुल 20.38 लाख स्टूडेंट्स में से 11.45 लाख नीट क्वालीफाई किया है। पिछले साल के 9.93 लाख उम्मीदवारों की तुलना में अधिक है। इनमें 1 लाख से अधिक स्टूडेंट्स राजस्थान के हैं। टॉप 50 में 10 लड़कियां हैं। नीट-यूजी इस बार 7 मई 2023 को देश के 499 शहरों के चार हजार से ज्यादा सेंटर के अलावा 14 अन्य देशों में भी करवाई गई थी। 20 लाख 87 हजार स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे। मणिपुर में हिंसा के चलते वहां के स्टूडेंट्स के लिए अलग से 6 जून को टेस्ट लिया गया था।

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सीटें बढ़ाने से कट कम रहने के आसार
नीट-यूजी देश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 1 लाख 4 हजार 333, बीडीएस की 27 हजार 868, आयुष पाठ्यक्रम (बीएएमएस, बीएचएमएस, बीवायएमएस, बीयूएमएस) की 52 हजार 720 बीवीएससी एवं चयनित बीएससी नर्सिंग कॉलेज के पाठ्यक्रमों सहित कुल 1 लाख 90 हजार सीटों के लिए हुई थी। इस साल कुछ कॉलेज व सीटें बढ़ी हैं। ऐसे में सामान्य श्रेणी के लिए कट ऑफ एमबीबीएस में 500+ और बीडीएस में 450+ रह सकती है। देशभर के एम्स का कटऑफ 620 से 650 अंक के बीच रह सकता है। एम्स दिल्ली के लिए कॉम्पिटिशन मुश्किल होगा। सामान्य में 720 में से 710+ अंक हासिल करने वाले को ही एम्स दिल्ली अलॉट होगा। इसका कारण यह है कि एम्स दिल्ली में सामान्य वर्ग में सीटों की संख्या 66 से कम है।710 पर 24 स्टूडेंट्स
720 अंकों पर दो, 716 पर एक, 715 पर 16, 712 पर एक, 711 पर 06 और 710 पर 24 स्टूडेंट्स रहे हैं। इस वर्ष सामान्य श्रेणी के लिए नीट क्वालीफाई करने का मार्क्स रेंज 720 से 137 जबकि ओबीसी, एससी और एसटी के लिए 136 से 107 के बीच है।

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जानिए क्या है परसेंटेज और पर्सेंटाइल में अंतर
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनआईए के अनुसार किसी स्टूडेंट का एनटीए पर्सेंटाइल स्कोर यह बताता है कि उस परीक्षा में शामिल होने वाले कितने प्रतिशत स्टूडेंट्स के मार्क्स उससे कम आए हैं। यही वजह है कि हर सेशन के टॉपर को 100 पर्सेंटाइल मिलते हैं। परसेंटेज का मतलब, हर सब्जेक्ट में 100 में से स्टूडेंट को कितने मार्क्स मिले जबकि परसेंटाइल का मतलब होता है कि कितने प्रतिशत स्टूडेंट्स के मार्क्स कैसे कम हैं। मान लीजिए कि आपने 90% स्टूडेंट्स से ज्यादा मार्क्स हासिल किए हैं तो आपका पर्सेंटाइल 90% होगा।